अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की घोषणा
66 International Organizations, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: अमेरिका 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों से बाहर निकलेगा। यह घोषणा खुद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने की। व्हाइट हाउस और स्टेट डिपार्टमेंट के अनुसार ये संगठन अमेरिकी हितों के खिलाफ हैं। इनमें पैसों की बबार्दी होती है। इसके अलावा ये गैरजरूरी या खराब तरीके से चलाए जा रहे हैं। इस कदम को ट्रम्प की अमेरिका फर्स्ट नीति का हिस्सा बताया जा रहा है, जो वैश्विक संस्थाओं से दूरी बनाने पर जोर देती है।
द गार्डियन के मुताबिक इसमें 35 गैर-संयुक्त राष्ट्र संगठन और 31 संयुक्त राष्ट्र की संस्थाएं शामिल हैं। इसके अलवा अमेरिका भारत की पहल से बने संगठन इंटरनेशनल सोलर अलायंस को भी छोड़ रहा है। इसे 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन फ्रेंच राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने पेरिस जलवायु सम्मेलन में शुरू किया था।
भारत-फ्रांस की अध्यक्षता से बना था सोलर अलायंस
इंटरनेशनल सोलर अलायंस को सोलर एनर्जी के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है। यह दुनिया भर के देशों को सौर ऊर्जा इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करता है। इसका मकसद 2030 तक सोलर एनर्जी में 1 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश जुटाना है। भारत इसका अध्यक्ष देश और फ्रांस सह-अध्यक्ष है।
इसका हैडक्वार्टर हरियाणा के नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ सोलर एनर्जी कैंपस स्थित है। फिलहाल इसके 120 से अधिक देश सदस्य हैं। अमेरिका आईएसए में नवंबर 2021 में जुड़ा था। अमेरिका ने आईएसए के फ्रेमवर्क एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए और यह 101वां सदस्य देश बना। अब अमेरिका ने आईएसए छोड़ने का ऐलान किया है।
22 जनवरी से डब्ल्यूएचओ का मेंबर नहीं रहेगा अमेरिका
इससे पहले ट्रम्प ने जनवरी 2025 में विश्व स्वास्थ्य संगठन से बाहर निकलने की घोषणा की थी। डब्ल्यूएचओ की सदस्यता से बाहर निकलने के लिए एक साल का नोटिस पीरियड जरूरी होता है। 22 जनवरी के बाद अमेरिका डब्ल्यूएचओ का सदस्य नहीं रहेगा।
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