राजधानी में एक्यूआई 250 से आया नीचे, लोगों को मिली आंशिक राहत
Delhi Pollution News (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : पिछले कुछ सप्ताह से राजधानी दिल्ली में हवा में प्रदूषण का स्तर काफी ज्यादा गंभीर श्रेणी में बना हुआ था। हालांकि नया साल शुरू होते ही दिल्ली के लोगों को इससे कुछ आंशिक तौर पर राहत मिली है। दिल्ली में हालांकि मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बारिश तो नहीं हुई लेकिन तेज हवाएं चलने से वातावरण में प्रदूषण का स्तर कुछ हद तक कम जरूर हुआ है। तेज हवाएं चलने से दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में सुधार हुआ।
दिल्ली का एक्यूआई 236 दर्ज किया गया, जो एक दिन पहले 388 था। गाजियाबाद में एक्यूआई 239, फरीदाबाद में 210, नोएडा में 229, ग्रेटर नोएडा में 238 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में आता है। हवा में सुधार होते ही ग्रेप-3 की पाबंदियां हटा ली गईं। दिल्ली-एनसीआर में गैर-जरूरी निर्माण और विध्वंस गतिविधियां फिर शुरू हो सकेंगी। मिट्टी का काम, ढेर लगाना, खुली खाई खोदना, वेल्डिंग, पेंटिंग जैसे काम पर भी रोक नहीं रहेगी।
अभी जारी रहेगा ठंड का प्रकोप
वहीं दूसरी तरफ शीत लहर ने लोगों की परेशानी लगातार बढ़ाई हुई है। दिल्ली में न्यूनतम तापमान 9.1 डिग्री और अधिकतम तापमान 17.4 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले हफ्ते तक मौसम की इन दुश्वारियों से राहत भी मिलने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने घने कोहरे को लेकर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ के लिए पहले ही रेड अलर्ट जारी किया था।
प्रदूषण कम करने को सरकार के प्रसास जारी
राजधानी में प्रदूषण कम करने और परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने रोडमैप तैयार करना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निजी ईवी को टैक्सी के रूप में चलाने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वाहन निमार्ता और ओला-ऊबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों के साथ शुक्रवार को बैठक के बाद यह जानकारी दी। शुक्रवार को सचिवालय में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने कंपनी के संचालकों के साथ ईवी चार्जिंग स्टेशन, सोलर एनर्जी, बैटरी वेस्ट मैनेजमेंट, शेयर टैक्सी और शटल सेवाओं को लेकर विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़कों पर वाहनों की संख्या कम किए बिना प्रदूषण पर काबू पाना संभव नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा, दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को स्थायी रूप से कम करने के लिए सरकार हर जरूरी नीति, तकनीक और साझेदारी के साथ आगे बढ़ेगी। मुख्यमंत्री ने कंपनियों से कहा कि वे स्पष्ट प्लान लेकर आएं कि कब तक दिल्ली में ईवी की मांग के अनुरूप आपूर्ति दे पाएंगे। वाहनों की कीमतें ऐसी हों कि आम लोग आकर्षित हों। सरकार राहत देने को तैयार है, लेकिन कंपनियों को भी उपभोक्ताओं को लाभ देना होगा।
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