
आर्टेमिस 2 मिशन चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच चुका है
Artemis II, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: आर्टेमिस-2 का दल चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच चुका है। इस मिशन ने पृथ्वी से 4,06,773 किलोमीटर की दूरी तय करके मानव अंतरिक्ष उड़ान का अब तक का सबसे लंबा रिकॉर्ड तोड़ दिया है। यह 1970 में अपोलो 13 द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड से लगभग 2,500 किलोमीटर अधिक है। पिछले 53 वर्षों से अंतरिक्ष में जाने वाला प्रत्येक मनुष्य आकाश के एक संकीर्ण क्षेत्र में ही सीमित रहा है, जो ब्रह्मांड की सतह का नगण्य स्पर्श है। हालांकि सोमवार को आर्टेमिस-2 के चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में पहुंच गए।
भारतीय समयानुसार रात 12:15 बजे चंद्रमा के पास से गुजरेगा आर्टेमिस -2
आर्टेमिस-2 का दल 7 अप्रैल, 2026 को भारतीय समयानुसार रात 12:15 बजे चंद्रमा के पास से गुजरेगा। यह दल घर लौटने से पहले चंद्रमा के दूर के हिस्से का चक्कर लगाएगा। तुलना के लिए, अंतरराष्ट्रय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पृथ्वी से 400 किलोमीटर ऊपर परिक्रमा करता है। चंद्रमा स्वयं पृथ्वी से लगभग 3,84,633 किलोमीटर दूर स्थित है। आर्टेमिस-2 चंद्रमा से भी आगे निकलकर उस क्षेत्र में प्रवेश करेगा, जहां अपोलो युग के बाद से कोई मानव नहीं पहुंचा है। अपोलो 13 का रिकॉर्ड 4,00,171 किलोमीटर का है। पूरी तैयारी औरयोजना के साथ आर्टेमिस 2 इस रिकॉर्ड को लगभग 2,500 किलोमीटर से पार कर जाएगा।
दुनियाभर के चंद्र वैज्ञानिकों की नजरें करीब छह घंटे के फ्लाई-बाय पर टिकी
ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर में मिशन कंट्रोल से लेकर दुनियाभर के चंद्र वैज्ञानिकों तक, सबकी नजरें करीब छह घंटे के फ्लाई-बाय पर टिकी हैं। इस फ्लाई-बाय के दौरान वैज्ञानिकों और मिशन कंट्रोल की निगाहें उन भू-वैज्ञानिक संरचनाओं और क्रेटर (ग्रह या उपग्रह की टक्कर से बना गड्ढा) पर टिकी रहेंगी, जो अब तक सिर्फ रोबोटिक मिशनों एवं सीमित डाटा के जरिये ही समझे गए हैं। नासा के मुताबिक, मौजूदा कक्षीय स्थिति के चलते इस फ्लाई-बाय के दौरान चंद्रमा के दूरस्थ हिस्से का सिर्फ 20 फीसदी हिस्सा ही सूर्य के प्रकाश में होगा।
हैनसेन चंद्रमा पर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी
चारों अंतरिक्ष यात्रियों में ग्लोवर, रीड वाइजमैन और क्रिस्टीना कोच अमेरिकी नागरिक हैं, जबकि हैनसेन कनाडाई मूल के हैं, जो चंद्रमा पर जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी हैं। कोच और ग्लोवर चंद्रमा पर जाने वाली पहली महिला एवं पहली अश्वेत अंतरिक्ष यात्री हैं। 10 दिन का मिशन 10 को प्रशांत महासागर में लैंडिंग के साथ समाप्त होगा।
कनाडा के लिए इतिहास रच रहे हैनसेन
कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी की अध्यक्ष लिसा कैंपबेल ने कहा, हैनसेन आज कनाडा के लिए इतिहास रच रहे हैं। कनाडा का भविष्य उन लोगों से लिखा जाता है, जो और अधिक हासिल करने का साहस रखते हैं।
ओरियन कब कहां होगा
12.15 बजे रात: चंद्रमा की निगरानी शुरू होगी।
4.14 बजे सुबह: ओरियन स्पेसक्राफ्ट चंद्रमा के पीछे से गुजरते समय मिशन कंट्रोल से क्रू का संपर्क करीब 50 मिनट के लिए टूट जाएगा।
4.15 बजे सुबह: अर्थसेट के दौरान पृथ्वी ओरियन के नजरिए से चंद्रमा के पीछे छिप जाएगी।
4.32 बजे सुबह: ओरियन चंद्रमा के सबसे करीब पहुंचेगा। इस समय यह चंद्रमा की सतह से सिर्फ 6550 किलोमीटर ऊपर होगा।
4.37 बजे सुबह: क्रू इस मिशन के दौरान पृथ्वी से सबसे ज्यादा दूर पहुंच जाएगा।
5.00 बजे सुबह: अर्थराइज होगा, यानी पृथ्वी चंद्रमा के दूसरी तरफ से फिर दिखने लगेगी। नासा का मिशन कंट्रोल दोबारा एस्ट्रोनॉट्स से संपर्क स्थापित कर लेगा।
6.05 से 7.02 बजे सुबह: सोलर एक्लिप्स के दौरान सूरज क्रू के नजरिए से चंद्रमा के पीछे छिप जाएगा।
7.50 बजे सुबह: चंद्रमा दिखना बंद हो जाएगा।
