हरियाणा के कैथल में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोऑपरेटिव सोसाइटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार (AR) और एक इंस्पेक्टर को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों पर PACS में नौकरी दिलाने के नाम पर घूस मांगने का आरोप है।
कार्रवाई की पुष्टि करते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो हरियाणा के इंस्पेक्टर सूबे सिंह ने बताया कि आरोपी ऋषि महाजन, जो कोऑपरेटिव सोसाइटी कैथल में असिस्टेंट रजिस्ट्रार है, और इंस्पेक्टर जसबीर को ट्रैप बिछाकर पकड़ा गया। दोनों एक व्यक्ति से 30 हजार रुपये ले रहे थे, तभी टीम ने उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
नौकरी के नाम पर मांगी थी एक लाख की रिश्वत
गांव पाड़ला निवासी मांगेराम ने ACB को शिकायत दी थी कि वह अपने पोते अभिमन्यु को PACS में नौकरी लगवाना चाहता था। करीब दो साल पहले निकली भर्ती के संदर्भ में आरोपियों ने उससे एक लाख रुपये की मांग की थी।
शिकायतकर्ता के अनुसार, पहले 70 हजार रुपये इंस्पेक्टर जसबीर को दिए जा चुके थे, लेकिन बाद में मांग बढ़ाई जा रही थी। पैसे फंसते देख उसने एसीबी से संपर्क किया।
ऐसे बिछाया गया ट्रैप
शिकायत के बाद ACB ने ट्रैप प्लान किया। मांगेराम को 30 हजार रुपये देकर कोऑपरेटिव सोसाइटी कार्यालय भेजा गया। जैसे ही उसने AR ऋषि महाजन को पैसे थमाए, टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। इसके बाद इंस्पेक्टर जसबीर को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पहले भी कई युवाओं से वसूली का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि दोनों अधिकारियों ने पहले भी 8 से 10 युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर रिश्वत ली थी। किसी से 2 लाख तो किसी से 3 लाख रुपये तक लिए गए। इन आरोपों की भी जांच की जा रही है।
ACB के अनुसार, दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। यह भी खंगाला जा रहा है कि क्या इस मामले में अन्य अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल थे।
इस कार्रवाई के बाद सहकारी विभाग में हड़कंप मच गया है और भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठ रहे हैं।

