हरियाणा में 18 दिनों की शीतकालीन छुट्टियों के बाद सोमवार से प्रदेश के सरकारी स्कूल दोबारा खुल गए हैं। स्कूल खुलते ही छात्रों के लिए मिड डे मील योजना के तहत मिलने वाले भोजन में भी अहम बदलाव किया गया है। अब बच्चों को पहले की तुलना में अधिक पौष्टिक और विविध भोजन दिया जाएगा। खास बात यह है कि पहली बार मिड डे मील के मेन्यू में गुड़-रोटी और पौष्टिक सोया खिचड़ी को शामिल किया गया है, जिससे बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाया जा सके।
मौलिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जनवरी 2026 के लिए मिड डे मील का नया शेड्यूल जारी कर दिया गया है। यह शेड्यूल बाल वाटिका से लेकर कक्षा आठवीं तक के सभी विद्यार्थियों पर लागू होगा। विभाग का कहना है कि बच्चों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने और उनकी सेहत में सुधार लाने के उद्देश्य से मेन्यू में बदलाव किया गया है।
जारी शेड्यूल के अनुसार जनवरी महीने में छात्रों को अलग-अलग दिनों में अलग-अलग पौष्टिक भोजन परोसा जाएगा। 19 जनवरी को बच्चों को सब्जी पुलाव और काला चना दिया जाएगा। 20 जनवरी को रोटी के साथ घीया-चना की दाल परोसी जाएगी। 23 जनवरी को पहली बार मिड डे मील में गुड़-रोटी और दही शामिल किया गया है, जबकि 27 जनवरी को बच्चों को पौष्टिक सोया खिचड़ी दी जाएगी। विभाग के अनुसार महीने के चौथे सप्ताह में पहले सप्ताह का भोजन शेड्यूल दोहराया जाएगा, ताकि बच्चों को संतुलित पोषण लगातार मिलता रहे।
इसके अलावा 31 जनवरी को प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विशेष तिथि भोज का आयोजन किया जाएगा। इस तिथि भोज में जनसहयोग से बच्चों को विशेष और पौष्टिक भोजन कराया जाएगा। विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज की भागीदारी बढ़ती है और बच्चों में स्कूल के प्रति रुचि भी विकसित होती है।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिड डे मील योजना में किए गए ये बदलाव बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद लाभकारी साबित होंगे। अभिभावकों और शिक्षकों ने भी नए मेन्यू का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे बच्चों की उपस्थिति और स्वास्थ्य दोनों में सुधार देखने को मिलेगा।


