दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने पंजीकृत गौशालाओं को दी जाने वाली रियायती बिजली दरों को लेकर नया सेल्स सर्कुलर नंबर D-01/2026 जारी किया है। यह सर्कुलर मुख्यमंत्री घोषणा कोड संख्या 27860 के तहत लागू किया गया है।
नए सर्कुलर के अनुसार, एक ही पंजीकरण संख्या वाली लेकिन अलग-अलग स्थानों पर स्थित गौशालाओं को अब अलग-अलग बिजली कनेक्शन दिए जा सकेंगे।
₹2 प्रति यूनिट की दर से मिलेगी बिजली
प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह के निर्देशानुसार जारी आदेशों में स्पष्ट किया गया है कि हरियाणा गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशालाओं को ₹2 प्रति यूनिट की दर से बिजली आपूर्ति की जाएगी। शेष बिजली लागत की भरपाई राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में की जाएगी।
यह सब्सिडी केवल मीटर आधारित वास्तविक बिजली खपत पर ही देय होगी। इस संबंध में वर्ष 2021 में जारी सेल्स सर्कुलर D-06/2021 को निरस्त कर दिया गया है।
गौ सेवा आयोग में पंजीकरण अनिवार्य
DHBVN के प्रबंध निदेशक विक्रम सिंह ने स्पष्ट किया कि रियायती टैरिफ का लाभ केवल उन्हीं गौशालाओं को मिलेगा, जो हरियाणा गौ सेवा आयोग में विधिवत पंजीकृत होंगी।
पंजीकरण की पुष्टि संबंधित SDO (ऑपरेशन) द्वारा ई-मेल या पत्र के माध्यम से की जाएगी।
सभी कनेक्शन मीटर आधारित होंगे और यदि बिजली का उपयोग गौशाला के अलावा किसी अन्य उद्देश्य के लिए किया गया, तो उस पर यह रियायती दर लागू नहीं होगी।
टैक्स से अलग होंगी बिजली दरें
नए टैरिफ में यह भी स्पष्ट किया गया है कि रियायती दरें बिजली शुल्क, नगर कर, पंचायत टैक्स और FPPS से अलग होंगी।
इसके साथ ही बिलिंग सॉफ्टवेयर में हर बिलिंग चक्र में सब्सिडी राशि अलग से दर्शाई जाएगी।
यदि एक ही पंजीकरण संख्या की कई गौशालाएं अलग-अलग स्थानों पर हैं, तो हरियाणा गौ सेवा आयोग की अनुमति और विवरण के आधार पर उन्हें अलग-अलग रियायती कनेक्शन दिए जाएंगे।
इस साल सरकार गौशालाओं के लिए क्या कर रही है
1. गौशालाओं को मिलेंगे ई-रिक्शा
हरियाणा सरकार ने निर्णय लिया है कि
1000 तक पशुओं वाली गौशालाओं को 1 ई-रिक्शा
1000 से अधिक पशुओं वाली गौशालाओं को 2 ई-रिक्शा
दिए जाएंगे। ई-रिक्शा का प्रबंध हरियाणा गौ सेवा आयोग करेगा।
2. 51 नए शेड बनाए जाएंगे
प्रदेश की पंजीकृत गौशालाओं में 51 नए शेड बनाने के लिए सरकार ने 5 करोड़ रुपए का अनुदान मंजूर किया है। प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कार्य जल्द पूरा किया जाएगा।
3. हर जिले में बनेंगे गौ अभ्यारण्य
सड़कों को गोवंश मुक्त करने और बेसहारा पशुओं के संरक्षण के लिए हर जिले में एक-एक गौ अभ्यारण्य स्थापित किए जाएंगे। फिलहाल प्रदेश में 3 गौ अभ्यारण्य संचालित हो रहे हैं।



