Haryana Teacher Transfer Drive: हरियाणा में चल रही टीचर्स ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव के दौरान अब क्रॉनिक डिजीज (Chronic Disease) से जुड़े मेडिकल सर्टिफिकेट बड़ा विवाद बन गए हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू करने से पहले सीएमओ स्तर पर बने सभी क्रॉनिक डिजीज सर्टिफिकेट को प्रभावी रूप से अस्वीकार कर दिया है।
शिक्षा विभाग ने 5 दिसंबर 2025 को एक पत्र जारी कर क्रॉनिक डिजीज से ग्रस्त शिक्षकों को राज्य के 9 चिन्हित मेडिकल संस्थानों से ही सर्टिफिकेट बनवाने के निर्देश दिए थे। इन सर्टिफिकेट को जमा करने की अंतिम तिथि 18 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई थी। Haryana Teacher Transfer Drive
पहले से बने CMO सर्टिफिकेट पर नहीं दी गई स्पष्टता
शिक्षकों का कहना है कि विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया कि पहले से CMO स्तर पर बने क्रॉनिक डिजीज सर्टिफिकेट अमान्य कर दिए गए हैं। बिना पूर्व सूचना के नए निर्देश जारी होने से कई शिक्षक असमंजस में पड़ गए और समय रहते 9 मेडिकल संस्थानों से नया सर्टिफिकेट नहीं बनवा सके। Haryana Teacher Transfer Drive
लास्ट डेट निकलने के बाद भी नहीं मिल रही राहत Haryana Teacher Transfer Drive
जब शिक्षकों को विभागीय पत्र की गंभीरता का पता चला तो उन्होंने नौ मेडिकल कॉलेजों से सर्टिफिकेट बनवाने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन तब तक डेडलाइन निकल चुकी थी। अब विभाग इन सर्टिफिकेट को भी स्वीकार नहीं कर रहा है, जबकि कई मामले वास्तव में योग्य और वास्तविक बताए जा रहे हैं। Haryana Teacher Transfer Drive
इस फैसले के खिलाफ शिक्षकों की ओर से आपत्तियां दर्ज करवाई जा रही हैं, लेकिन जिला स्तर पर इन पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। Haryana Teacher Transfer Drive
आज से मुख्यालय पहुंचेंगी आपत्तियां
अब शिक्षकों की आपत्तियां आज से शिक्षा विभाग मुख्यालय में भेजी जाएंगी। उम्मीद की जा रही है कि मुख्यालय स्तर पर इन मामलों पर दोबारा विचार किया जाएगा। Haryana Teacher Transfer Drive
पुराने ट्रांसफर ड्राइव में मिल चुका है लाभ
मामले की खास बात यह है कि पिछली ट्रांसफर ड्राइव में भी CMO स्तर के क्रॉनिक डिजीज सर्टिफिकेट को औपचारिक रूप से शामिल न करने का प्रावधान था, इसके बावजूद कई शिक्षकों को क्रॉनिक डिजीज के अंक दिए गए थे। इन्हीं अनुभवों के आधार पर इस बार विभाग ने केवल 9 मेडिकल संस्थानों से बने सर्टिफिकेट को मान्य किया है। Haryana Teacher Transfer Drive
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज पर भी विवाद Haryana Teacher Transfer Drive
सूत्रों के अनुसार अग्रोहा मेडिकल कॉलेज को विभाग ने क्रॉनिक डिजीज सर्टिफिकेट के लिए मान्य किया है, लेकिन यदि कोई शिक्षक स्पाउस केस के तहत अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में कार्यरत पति या पत्नी के आधार पर नंबर लेना चाहता है, तो उसे नीति के तहत तरजीह नहीं दी जा रही है। इसे लेकर भी शिक्षकों में नाराजगी है। Haryana Teacher Transfer Drive



