कहा, समिट के तीन सूत्र पीपल, प्रोग्रेस और प्लैनेट एआई के संतुलित विकास की सही दिशा दिखाते हैं
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : नई दिल्ली के मंडपम में चल रही इंडिया एआई सम्मिट 2026 में भाग लेने के लिए देश विदेश से विशेषज्ञों व अति सम्मानित लोगों का पहुंचने और इसमें भाग लेने का सिलसिला जारी है। इसी के चलते समिट मे भाग लेने के लिए पहुंचे स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने इस समिट की सराहना की है।
उन्होंने कहा कि भारत का एआई विजन सुरक्षित, समावेशी और मानवता के लिए है। इस दौरान उन्होंने एआई के क्षेत्र में भारत के विजन का जोरदार समर्थन किया है। उन्होंने इसे मानव-केंद्रित, टिकाऊ और समान विकास वाला बताया है। पार्मेलिन ने कहा कि समिट के तीन सूत्र पीपल, प्रोग्रेस और प्लैनेट एआई के संतुलित विकास की सही दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि एआई का उपयोग इस तरह होना चाहिए कि दुनिया के हर व्यक्ति को इसका लाभ मिले, साथ ही पर्यावरण और सतत विकास का भी ध्यान रखा जाए।
भारत के साथ आपसी सहयोग बढ़ाना चाहता है स्विट्जरलैंड
उन्होंने भारत की एआई रिसर्च और इनोवेशन में बढ़ती ताकत की सराहना करते हुए कहा कि स्विट्जरलैंड भारत के साथ सहयोग को और गहरा करने की बड़ी संभावनाएं देखता है। पार्मेलिन ने यह भी कहा कि समिट में शामिल स्विस स्टार्टअप्स नई तकनीक और नवाचार के साथ भारतीय साझेदारों के साथ सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। जिम्मेदार एआई के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड दोनों इस बात पर सहमत हैं कि एआई का इस्तेमाल सार्वजनिक हित, समावेशी आर्थिक विकास, सामाजिक प्रगति और स्थिरता के लिए होना चाहिए। साथ ही एआई के वैश्विक शासन को लेकर अंतरराष्ट्रीय और बहुपक्षीय समझौतों में भारत के साथ करीबी सहयोग को उन्होंने अहम बताया।
दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार बढ़ेगा
द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग पर बोलते हुए उन्होंने हाल ही में हुए भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते का जिक्र किया और कहा कि इससे स्विस निर्यात और सेवाओं को भारत में बेहतर बाजार पहुंच मिलेगी। उन्होंने बताया कि स्विस घड़ियों, मशीनरी और कई रासायनिक उत्पादों को शून्य या अनुकूल शुल्क का लाभ मिल रहा है, वहीं वित्तीय सेवाओं और विशेषज्ञों के अस्थायी प्रवेश के लिए भी प्रक्रियाएं आसान हुई हैं।
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