शरणार्थी नियमों का पालन नहीं करने पर कार्रवाई, 2025 में 2,800 भारतीयों को जा चुका निकाला
Canada, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: कनाडा सरकार ने 2025 के पहले 10 महीनों में कनाडा ने 2,831 भारतीय नागरिकों को देश से बाहर निकाला है। ये जानकारी कनाडा की कैनेडियन बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी के आंकड़ों से सामने आई है। इसके मुताबिक पिछले साल कुल 18,785 लोगों को कनाडा से निकाला गया, जिनमें भारतीय दूसरे नंबर पर हैं। सबसे ज्यादा 3,972 लोग मेक्सिको के थे।
इतना ही नहीं, अभी 29,542 लोगों को निकालने की प्रक्रिया चल रही है, जिनमें 6,515 भारतीय भी शामिल हैं। यानी आने वाले समय में और भारतीयों पर भी कार्रवाई हो सकती है। कनाडा सरकार ने बताया है कि जिन लोगों को निकाला गया, उनमें से कई पर क्रिमिनल मामले थे। लेकिन बड़ी संख्या उन लोगों की भी थी जिन्होंने शरणार्थी दावे से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया।
कनाडा में तीन तरीके बाहर निकाला जाता है
- डिपार्चर आॅर्डर: इसमें जिस इंसान पर आदेश लागू होता है उसे 30 दिनों के अंदर कनाडा छोड़ना होता है। अगर वो समय पर नहीं जाता, तो यह आदेश डिपोर्टेशन आॅर्डर में बदल जाता है।
- एक्सक्लूजन आॅर्डर: इसमें व्यक्ति को एक साल तक कनाडा लौटने की इजाजत नहीं होती। अगर मामला गलत जानकारी देने (मिसरिप्रेजेंटेशन) का हो, तो 5 साल तक वापसी पर रोक लग सकती है।
- डिपोर्टेशन आॅर्डर: यह सबसे सख्त आदेश होता है। इसमें व्यक्ति के कनाडा वापस आने पर स्थायी रोक लग जाती है। दोबारा आने के लिए लिखित इजाजत लेना जरूरी होता है।
इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार की कोशिश
कनाडा में इमिग्रेशन इस समय बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। पिछले साल चुनाव के दौरान भी यही सबसे अहम मुद्दा था और अब भी सरकार और विपक्ष के बीच इसी पर बहस चल रही है। मुकाबला मुख्य रूप से लिबरल पार्टी और कंजर्वेटिव पार्टी के बीच है। लिबरल पार्टी के नेता पीएम मार्क कार्नी का कहना है कि इमिग्रेशन सिस्टम में सुधार की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक घरों की कमी की समस्या ठीक नहीं होती, तब तक इमिग्रेशन की संख्या को कंट्रोल में रखा जाएगा।
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