वित्तीय मदद के लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए तीन साल की अवधि सीमा को हटाया
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में और विकास दर बनाए रखने में स्टार्टअप्स की भूमिका काफी अहम बन चुकी है। इसके साथ ही घरेलु उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने में भी इन स्टार्टअप्स का योगदान लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी सब के चलते केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। दरअसल अब केंद्र सरकार ने डीएसआईआर के औद्योगिक अनुसंधान और विकास प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए डीप-टेक स्टार्टअप्स के लिए तीन साल की व्यवहार्यता मानदंड को हटा दिया गया है।
यह घोषणा गत दिनों केंद्र सरकार ने वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) के 42वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने की। सिंह ने बताया कि डीप टेक से तात्पर्य उन अत्याधुनिक और अक्सर विघटनकारी प्रौद्योगिकियों से है जो गहन वैज्ञानिक खोजों, इंजीनियरिंग नवाचारों या अनुसंधानों में प्रगति पर आधारित हैं जिनमें उद्योगों, अर्थव्यवस्थाओं और जीवन को बदलने की क्षमता है।
नियम में बदलाव का पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
डीएसआईआर अपने आईआरडीपीपी के तहत स्टार्टअप्स को 1 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता तभी प्रदान करता है जब वे कम से कम तीन वर्षों की अवधि के लिए टिकाऊ और व्यवहार्य साबित हों। सिंह ने कहा कि तीन साल के मानदंड को हटाना डीप-टेक स्टार्टअप्स को तेजी से आगे बढ़ने में मदद करने के लिए एक महत्वपूर्ण प्रोत्साहन है, यहां तक कि उनके पूरी तरह से आत्मनिर्भर होने से पहले भी। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्टार्टअप्स को तकनीकी परिपक्वता से जुड़े उचित मूल्यांकन मानकों को बनाए रखना होगा।
सरकार ने बढ़ाया जीडीपी विकास दर का अनुमान
नया साल शुरू होने के बाद पहली बार केंद्र सरकार ने देश की जीडीपी विकास दर पर बात करते हुए इसके वृद्धि अुनमान को बढ़ा दिया है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से जारी राष्ट्रीय आय के पहले अग्रिम अनुमानों के मुताबिक, इस वृद्धि को मुख्य रूप से विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों के बेहतर प्रदर्शन से बल मिलेगा।
इस तेजी के पीछे घरेलु उद्योगों के बेहतर परिणाम, कृषि की बेहतर पैदावार और जीएसटी सुधारों के बाद बदले हालात को मुख्य कारण बताया है। इसी सब के चलते सरकार ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी के अनुमानों को बढ़ा दिया है। अग्रिम अनुमानों के अनुसार 2025-26 में जीडीपी में 7.4 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। सरकार की ओर से बुधवार को जारी आंकड़े देश की आर्थिक गतिविधियों में तेजी का स्पष्ट संकेत देते हैं।
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