कहा- यदि कंपनियां ऐक्शन नहीं लेंगी तो उन पर केस चलेगा
Obscene Content, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार सख्त हो गई है। सरकार ने कंपनियों को तुंरत अश्लील कंटेंट पर रोक लगाने की चेतावनी दी है। सरकार ने सख्त लहजे में कहा है कि अगर कंपनियां अश्लील, भद्दे, पोर्नोग्राफिक, बच्चों से जुड़े यौन शोषण वाले और गैर-कानूनी कंटेंट पर रोक नहीं लगाती तो उन पर केस चलेगा।
मिनिस्ट्री आॅफ इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी ने ये एडवाइजरी सोमवार को जारी की थी। एडवाइजरी में इंटरनेट प्लेटफॉर्म को आईटी एक्ट के संबंध में अपने कंप्लायंस फ्रेमवर्क की समीक्षा करने के लिए कहा गया है।
प्लेटफॉर्म और यूजर्स पर दर्ज होगा केस
अगर सोशल मीडिया कंपनियां कानून और नियमों का पालन नहीं करेंगी, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सिर्फ कंपनियां ही नहीं, बल्कि प्लेटफॉर्म और यूजर्स-दोनों पर केस दर्ज किया जा सकता है।
नियमित और तेजी से कार्रवाई करनी होगी
कई प्लेटफॉर्म गलत और अश्लील कंटेंट को पहचानने और हटाने में ढिलाई बरत रहे हैं। इसलिए अब कंपनियों को ऐसे कंटेंट पर नियमित और तेजी से कार्रवाई करनी होगी। सरकार चाहती है कि सोशल मीडिया पर कोई भी व्यक्ति ऐसा कंटेंट डाले या शेयर न करें जो
मद्रास हाईकोर्ट कह चुका, भारत में भी बच्चों के लिए सोशल-मीडिया बैन हो
मद्रास हाईकोर्ट ने 26 दिसंबर को केंद्र सरकार को सुझाव दिया कि आॅस्ट्रेलिया की तरह भारत में भी 16 साल से कम उम्र वालों के लिए सोशल मीडिया पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने कहा कि इस पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट की मदुरै बेंच ने यह बात नाबालिगों को आॅनलाइन पोर्नोग्राफिक कंटेंट आसानी से मिल जाने के मुद्दे पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान कही।
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