करीब दो करोड़ लोगों के स्नान के लिए पहुंचने की उम्मीद, मेला और जिला प्रशासन ने पूरे किए प्रबंध
Prayagraj Magh Mela (द भारत ख़बर), प्रयागराज : प्रयागराज में संगम तट पर श्रद्धालुओं का पवित्र स्नान के लिए आना जारी है। हर रोज लाखों की तादाद में श्रद्धालू यहां पर स्नान कर रहे हैं। वहीं मकर संक्रांति पर संगम तट पर 15 जनवरी को आस्था का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। मेला प्रशासन ने इस मौके पर दो करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के संगम स्नान के अनुमान को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। ज्ञात रहे कि 44 दिनों तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में कुल 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की संभावना है, जबकि करीब 20 लाख कल्पवासी तीन जनवरी से एक फरवरी तक कल्पवास करेंगे। पहला मुख्य स्नान पर्व पौष पूर्णिमा पर हुआ था जिसमें लाखों श्रद्धालुओं ने भाग लिया था।
कुल 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था
अरैल, झूंसी, संगम क्षेत्र में करीब 24 घाटों पर स्नान की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालु जिस तरफ से आएंगे, उसी के नजदीक घाट पर स्नान कराने की तैयारी की जा रही है। 2024 में मकर संक्रांति पर करीब 29 लाख श्रद्धालुओं ने स्नान किया था। इस बार भीड़ को देखते हुए स्नान घाटों की लंबाई बढ़ाकर 3.69 किमी कर दी गई है। पिछली बार यह लंबाई केवल दो किमी ही थी। मेला क्षेत्र में 106.24 किमी लंबाई में चकर्ड प्लेट से सड़कें तैयार की गई हैं। तीर्थ पुरोहितों, आचार्यबाड़ा, दंडीबाड़ा, खाक चौक सहित प्रमुख आध्यात्मिक संस्थाओं के शिविर सज चुके हैं।
इन घाट पर श्रद्धालू कर सकेंगे स्नान
अरैल क्षेत्र : पक्का घाट, अरैल, सेल्फी प्वाइंट, महाकाल आरती घाट, चक्रम माधव घाट, सोमेश्वर महादेव घाट।
झूंसी क्षेत्र : संगम लोअर घाट, एरावत घाट, मोरी घाट, ओल्ड जीटी घाट, शिवाला घाट, दंडीबाड़ा घाट, आचार्यबाड़ा घाट, कल्पवासी घाट।
परेड संगम क्षेत्र : संगम नोज, संगम यमुनापट्टी घाट, गंगापट्टी घाट, महावीर घाट पश्चिमी, रामघाट, काली घाट, मोरी घाट, शिवाला घाट पश्चिमी, दशाश्वमेध घाट, नागवासुकि घाट।
सात सेक्टरों में बांटा गया है मेला क्षेत्र
माघ मेले को सात सेक्टरों में विभाजित किया गया है। महाकुंभ मॉडल पर आधारित टेंट सिटी की तर्ज पर मेला क्षेत्र का विकास किया गया है। करीब 800 हेक्टेयर में फैले मेले में 126 किलोमीटर लंबे मार्ग चेकर्ड प्लेट से तैयार किए गए हैं। नावों पर एलईडी लाइट से सजी रंगीन छतरियां, संगम के जल में सात रंगों की रोशनी वाले फव्वारे और घाटों पर कलर-कोडेड चेंजिंग रूम रात के समय अद्भुत दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुरक्षा को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मेला क्षेत्र में 10 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया है।
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