दिल्ली : दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आम आदमी पार्टी (AAP) की वरिष्ठ नेता आतिशी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने पुरानी गाड़ियों को बचाने के लिए तत्काल एक विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। आतिशी का कहना है कि 1 नवंबर से लागू होने वाली पुरानी गाड़ियों पर बैन की योजना मध्यम वर्ग के लिए गंभीर संकट पैदा करेगी, जो इन वाहनों पर निर्भर हैं।
पत्र का विवरण
आतिशी ने पत्र में कहा कि 1 जुलाई से शुरू हुई पुरानी गाड़ियों पर ईंधन प्रतिबंध योजना को जनता के विरोध के बाद वापस ले लिया गया था, लेकिन अब 1 नवंबर का नया डेडलाइन लोगों के सिर पर मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि यह फैसला लगभग 60 लाख वाहन मालिकों, जिसमें 20 लाख चार पहिया और 40 लाख दो पहिया वाहन शामिल हैं, को प्रभावित करेगा। आतिशी ने इसे मध्यम वर्ग पर हमला करार देते हुए कहा कि कार खरीदना उनके लिए एक सपना है, जिसे छीनना गलत है।
विशेष सत्र की मांग
आतिशी ने मांग की कि बीजेपी सरकार को एक नया कानून लाना चाहिए, जो 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों को स्क्रैपिंग से बचाए। इसके लिए उन्होंने दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का सुझाव दिया, ताकि इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हो सके। उन्होंने भरोसा जताया कि AAP इस बिल को पास करने में सरकार का पूरा समर्थन करेगी, बशर्ते राजनीतिक इच्छाशक्ति हो।
पॉल्यूशन और समाधान
हालांकि आतिशी ने प्रदूषण नियंत्रण की जरूरत को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने कहा कि उम्र के आधार पर blanket ban लगाना तर्कहीन है। उन्होंने सुझाव दिया कि वाहनों की स्थिति और प्रदूषण स्तर के आधार पर नीति बनाई जानी चाहिए। साथ ही, उन्होंने सरकार से मध्यम वर्ग, महिलाओं और बुजुर्गों के हितों का ध्यान रखने की अपील की।
आतिशी का पत्र दिल्ली में पुरानी गाड़ियों के मसले पर एक नई बहस शुरू कर सकता है। अगर विशेष सत्र बुलाया गया, तो यह मध्यम वर्ग के लिए राहत की उम्मीद जगाएगा। आने वाले दिनों में सरकार का जवाब और इस मुद्दे पर क्या होता है, इस पर नजर बनी रहेगी।