दिल्ली : दिल्ली के मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में आने वाले खिड़की गांव में एक बड़ी समस्या सामने आई है। यहां एक कॉन्ट्रैक्टर ने सड़क का काम अधूरा छोड़ दिया है, जिससे महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग बुरी तरह परेशान हैं। लोग कह रहे हैं कि उनकी शिकायतें सुनने वाला कोई नहीं है, यहां तक कि उनका MLA भी उनकी बात नहीं सुन रहा। आइए, इस समस्या को समझते हैं और जानते हैं कि लोग क्या कह रहे हैं।
क्या है समस्या?
खिड़की गांव में कुछ महीने पहले सड़क बनाने का काम शुरू हुआ था। लेकिन कॉन्ट्रैक्टर ने काम अधूरा छोड़ दिया। सड़क पर गड्ढे हैं, मिट्टी बिखरी हुई है, और बारिश के बाद कीचड़ बन गया है। इससे लोगों को चलना-फिरना मुश्किल हो गया है। खासकर महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान हैं।
एक स्थानीय महिला, रीना कुमारी ने बताया, “मेरे बच्चे स्कूल जाते हैं, लेकिन सड़क की हालत देखकर डर लगता है। बारिश में कीचड़ में फंस जाते हैं। बुजुर्गों को तो और भी दिक्कत होती है। हमने कई बार शिकायत पहुंचाई, लेकिन कोई काम नहीं हो रहा।”
MLA की अनदेखी का आरोप
लोगों का कहना है कि उन्होंने अपने MLA सतीश उपाध्याय को व्हाट्स ऐप ग्रुप के माध्यम से कई बार इस बारे में बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। एक बुजुर्ग ने कहा, “हमने MLA साहब को व्हाट्सऐप ग्रुप में संदेश पहुंचाया तो सिर्फ आश्वासन ही मिला। ऐसा लगता है कि हमें कोई महत्व नहीं दे रहे हैं।”
इस आरोप पर जब MLA ग्रुप से संपर्क किया गया, तो MLA के सहयोगी राकेश चोपड़ा की तरफ से हर बार यही कहा गया कि इस मामले में फॉलो अप लिया जा रहा हैं।
कॉन्ट्रैक्टर की लापरवाही
सड़क का काम करने वाले कॉन्ट्रैक्टर पर भी लोगों का गुस्सा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि “कॉन्ट्रैक्टर काम अधूरा छोड़कर गायब हो गया है। अब हमारी सड़क की हालत खराब है। बारिश में तो और भी बुरा हाल हो जाता है।”
जनता की मांग
लोगों की मांग है कि सड़क का काम जल्द से जल्द पूरा किया जाए और उनकी समस्याओं का समाधान हो। हम चाहते हैं कि MLA और प्रशासन हमारी सुनें। सड़क बन जाए, तो हमारी जिंदगी आसान हो जाएगी।
खिड़की गांव की यह समस्या दिल्ली में कई अन्य इलाकों की तरह है, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी है। लोगों की शिकायतें सुनने और उनके हक में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी प्रशासन और चुने हुए प्रतिनिधियों की है। लेकिन यहां तो ऐसा लग रहा है कि लोग अकेले ही अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं।