हरियाणा के सिरसा जिले में रोडवेज के एक ड्राइवर और कंडक्टर के बीच हुई आपसी झड़प के कारण एक बस सड़क से उतरकर खेत में जा पहुंची। घटना में किसी यात्री के घायल नहीं होने की राहत इसलिए रही, क्योंकि झगड़े के दौरान ही सभी यात्रियों को बस से उतार दिया गया था। इस घटना के बाद दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
क्या हुआ था पूरा मामला?
यह बस सिरसा से राजस्थान के पोकरण जाने वाली रोडवेज बस थी। ड्राइवर अशोक कुमार और कंडक्टर सुरेंद्र की इस पर ड्यूटी थी। वापसी यात्रा के दौरान बीकानेर (राजस्थान) के पास एक बस स्टैंड पर यात्रियों को उतारने-चढ़ाने को लेकर दोनों में पहली बहस हुई, जिसे यात्रियों ने शांत करवाया।
इसके बाद चौपटा (हरियाणा) बस स्टैंड पर दोबारा विवाद भड़क उठा। यहां बस स्टैंड प्रभारी ने सवारियों को बस में बैठाया, लेकिन ड्राइवर-कंडक्टर के बीच झगड़ा देखकर सभी यात्रियों को उतार दिया गया। बिना किसी यात्री के बस को लेकर दोनों सिरसा की ओर चल पड़े। रास्ते में फिर विवाद हुआ और ड्राइवर का नियंत्रण बिगड़ गया, जिससे बस सड़क से उतरकर खेत में जा पहुंची।
जांच शुरू, दोनों कर्मचारी सस्पेंड
सिरसा डिपो के रोडवेज टीएम सुधीर कुमार ने पुष्टि की कि घटना की जांच की जा रही है और प्रारंभिक रिपोर्ट में ड्राइवर-कंडक्टर के आपसी विवाद को ही कारण बताया गया है। दोनों कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। विभाग ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना रोडवेज कर्मचारियों के बीच आपसी समन्वय और अनुशासन की कमी को उजागर करती है। सौभाग्य से उस समय बस में कोई यात्री नहीं था, अन्यथा यह एक गंभीर दुर्घटना का रूप ले सकती थी। रोडवेज प्रशासन के लिए यह चेतावनी है कि वह ऐसे विवादों को गंभीरता से ले और कर्मचारियों के व्यवहार व पेशेवर प्रशिक्षण पर ध्यान दे।



