- 12 दवा रिटेलर्स की सख्ती से जांच की गई
- एनफोर्समेंट ड्राइव के दौरान 10 फर्म ड्रग्स नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं
- क्वालिटी टेस्टिंग के लिए 49 दवाओं के सैंपल लिए गए, ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई शुरू
- राजधानी दिल्ली में कोई भी नकली या घटिया दवा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।- स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह
Delhi News | द भारत ख़बर नेटवर्क | नई दिल्ली। नई दिल्ली (14 फरवरी, 2026)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह के निर्देश पर ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट, दिल्ली सरकार ने सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी की दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और अनुचित व्यापार के तरीकों पर लगाम लगाने के लिए दिल्ली के नांगलोई में एक स्पेशल इंस्पेक्शन और एनफोर्समेंट ड्राइव चलाया।
इस ड्राइव के दौरान एनफोर्समेंट टीमों ने रिटेल दवा डीलरों के 12 इंस्पेक्शन किए। जिनमें से 10 फर्म ड्रग्स रूल्स, 1945 के नियमों का उल्लंघन करती पाई गईं, जिनके खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा तय क्वालिटी स्टैंडर्ड्स के पालन को वेरिफाई करने के लिए टेस्ट और एनालिसिस के लिए अलग-अलग दवाओं के 49 सैंपल भी एकत्रित किए गए।
इंस्पेक्शन के दौरान कुछ फर्में नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए दवाओं के लिए डिस्काउंट आॅफर बोर्ड भी लगाती पाई गईं। ऐसे सभी बोर्डों को मौके पर ही हटा दिया गया और संबंधित फर्मों को नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली सरकार नागरिकों को नकली और निम्न गुणवत्ता की दवाओं से सुरक्षित रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक मैं दिल्ली का स्वास्थ्य मंत्री हूं, राजधानी दिल्ली में किसी भी सूरत में कोई भी नकली दवा नहीं बिकने दी जाएगी। जहां भी नियम का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां प्रवर्तन की कार्रवाई को और तेज किया जाएगा।
हमारी सरकार के लीडरशिप में हेल्थ डिपार्टमेंट राजधानी दिल्ली में पब्लिक हेल्थ की सुरक्षा सुनिश्चित करने और एथिकल फार्मास्यूटिकल प्रैक्टिस को बनाए रखने के लिए सख्त रेगुलेटरी निगरानी को लगातार मजबूत कर रहा है।
इससे पहले भी स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर पंकज कुमार सिंह के निदेर्शों पर ड्रग्स कंट्रोल डिपार्टमेंट ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एक सघन इंस्पेक्शन और एनफोर्समेंट ड्राइव चलाया था, ताकि जीवन बचाने वाली एंटी-कैंसर दवाओं की रेगुलेटरी निगरानी को मजबूत किया जा सके और गंभीर इलाज करा रहे मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

