Haryana News : हरियाणा में हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से कार्यरत TGT अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। Haryana Kaushal Rozgar Nigam (HKRN) के तहत कार्यरत प्रशिक्षित स्नातक अध्यापकों (TGT) का अनुबंध अब 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में Department of Elementary Education Haryana की ओर से आधिकारिक निर्देश जारी किए गए हैं।
महानिदेशक मौलिक शिक्षा, हरियाणा शिक्षा सदन, पंचकूला द्वारा सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को डेट-बाउंड ईमेल भेजकर निर्देश दिया गया है कि HKRN के माध्यम से कार्यरत सभी TGT अध्यापकों का अनुबंध निर्धारित तिथि तक बढ़ाया जाए। इस निर्णय से हजारों अनुबंध आधारित अध्यापकों को नौकरी की निरंतरता सुनिश्चित हो सकेगी।
पहले 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाया गया था अनुबंध
इससे पहले मौलिक शिक्षा निदेशालय द्वारा 29 अक्टूबर 2025 को जारी पत्र के अनुसार सरप्लस घोषित कर कार्यभार मुक्त किए गए अध्यापकों का अनुबंध 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाया गया था। इसके बाद 10 दिसंबर 2025 को हरियाणा के मुख्य सचिव द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार राज्य के विभिन्न विभागों में अनुबंध के आधार पर कार्यरत कर्मचारियों का कार्यकाल 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया।
इन्हीं निर्देशों के तहत अब HKRN के माध्यम से कार्यरत सभी TGT अध्यापकों का अनुबंध भी 31 मार्च 2026 तक जारी रहेगा। यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में निरंतरता बनाए रखने और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इन सभी विषयों के TGT अध्यापकों को मिलेगा लाभ
नए आदेश के अनुसार विभिन्न विषयों में कार्यरत सभी TGT अध्यापकों का अनुबंध संबंधित जिला अधिकारियों को अपने स्तर पर बढ़ाना होगा। इसके साथ ही आर्ट एजुकेशन असिस्टेंट जैसे पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को भी इस निर्णय का लाभ मिलेगा।
यह निर्णय उन अध्यापकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो HKRN के माध्यम से अनुबंध पर सेवाएं दे रहे हैं और जिनका अनुबंध समाप्त होने वाला था।
HKRNL पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित अधिकारियों को HKRNL पोर्टल पर अनुबंध विस्तार से संबंधित जानकारी अपडेट करना अनिवार्य होगा। पोर्टल पर अपडेट के माध्यम से अध्यापकों की सेवा स्थिति को आधिकारिक रूप से रिकॉर्ड किया जाएगा।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया है कि सभी अध्यापकों की सेवा शर्तें पहले से जारी नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार ही लागू रहेंगी। वेतन, कार्य प्रणाली और अन्य नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
शिक्षा व्यवस्था पर पड़ेगा सकारात्मक प्रभाव
सरकार के इस फैसले से राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित नहीं होगा और छात्रों की पढ़ाई नियमित रूप से जारी रहेगी। अनुबंध बढ़ने से अध्यापकों को भी नौकरी को लेकर स्थिरता मिलेगी और वे बिना किसी अनिश्चितता के अपना कार्य जारी रख सकेंगे।
यह निर्णय हरियाणा में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

