हरियाणा के किसानों और आम लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में हरियाणा ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर (Haryana Orbital Rail Corridor) परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के तहत पलवल से सोनीपत तक 121 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाई जा रही है, जिससे शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है।
दिल्ली के चारों ओर बनेगा वैकल्पिक रेल रूट
जानकारी के मुताबिक, इस रेल कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के चारों ओर एक वैकल्पिक रेलवे मार्ग विकसित करना है, ताकि मौजूदा रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम किया जा सके। इसके पूरा होने से मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों की आवाजाही आसान होगी।
इस परियोजना से पलवल, गुरुग्राम, नूंह, झज्जर और सोनीपत जिलों को सीधा लाभ मिलेगा और औद्योगिक क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
निर्माण कार्य तेज, फरवरी 2025 में हुई थी शुरुआत
हरियाणा सरकार और रेल मंत्रालय के संयुक्त सहयोग से इस प्रोजेक्ट की योजना तैयार की गई थी।
फरवरी 2025 के पहले सप्ताह में निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत हुई थी। शुरुआती चरण में भूमि अधिग्रहण और बुनियादी ढांचे पर काम किया गया, जबकि अब ट्रैक बिछाने और अन्य निर्माण कार्य तेजी से चल रहे हैं।
सोहना-रेवाड़ी रोड इंटरचेंज और फर्रुखनगर टोल प्लाजा के पास जमीनी कार्य पहले ही शुरू हो चुका है।
67 गांवों के किसान हुए मालामाल
इस परियोजना के तहत 67 गांवों से करीब 665.92 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
नियमों के अनुसार प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया गया है, जिससे इन गांवों के किसान आर्थिक रूप से मजबूत हुए हैं।
मानेसर को मिलेगा सीधा रेल कनेक्शन
परियोजना के अंतर्गत मानेसर स्थित मारुति-सुजुकी प्लांट को दिल्ली-रेवाड़ी रेल सेक्शन से जोड़ा जा रहा है। इससे उद्योगों को तेज और सस्ता माल परिवहन विकल्प मिलेगा और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
17 नए रेलवे स्टेशन बनेंगे
इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 121 किलोमीटर होगी, जो KMP एक्सप्रेसवे के समानांतर चलेगा।
इस रूट पर कुल 17 रेलवे स्टेशन बनाए जाएंगे, जिनमें
14 नए स्टेशन
3 मौजूदा स्टेशन शामिल होंगे
प्रमुख स्टेशनों में न्यू पलवल, सोहना, मानेसर और खरखौदा शामिल हैं।
160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, ज्यादा माल ढुलाई क्षमता
मिली जानकारी के अनुसार, इस रेल लाइन पर ट्रेनों की अधिकतम गति 160 किमी प्रति घंटा होगी।
साथ ही, यह कॉरिडोर हाई-कैपेसिटी माल परिवहन के लिए भी तैयार किया जा रहा है। लाइन का पूर्ण विद्युतीकरण और ट्रायल पूरा होने के बाद संचालन शुरू किया जाएगा।
रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर के बनने से:
औद्योगिक निवेश बढ़ेगा
स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे
NCR और दिल्ली के रेलवे नेटवर्क पर दबाव कम होगा
यात्रियों को वैकल्पिक और तेज रूट मिलेगा
सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को 2026 तक पूरा कर लिया जाए।



