सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को दी जाएगी प्राथमिकता
LPG Crisis, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राज्यों को पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दिए जाने का फैसला किया है। देश में जारी गैस संकट के बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए।
इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। साथ ही प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता से 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गैस की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है। गैस की अतिरिक्त सप्लाई का फायदा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी सेक्टर को भी मिलेगा।
अगले आदेश तक जारी रहेगी यह व्यवस्था
यह नई व्यवस्था 23 मार्च से लागू होगी और अगली सूचना तक जारी रहेगी। फिलहाल देश में एलपीजी की कमी है, ऐसे में सप्लाई को 50% तक बढ़ाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार हालात पर नजर रखे हुए है, ताकि आगे चलकर सप्लाई को पहले जैसे सामान्य स्तर (100%) तक पहुंचाया जा सके।

क्या है प्री-क्राइसिस लेवल?
प्री-क्राइसिस लेवल का मतलब उस समय से है जब देश में गैस संकट शुरू नहीं हुआ था। फिलहाल राज्यों को बहुत कम सप्लाई मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर पुरानी डिमांड का आधा (50%) किया गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल और गैस सप्लाई लगभग रुक गई है।
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