हरियाणा सिविल सेवा (HCS) भर्ती 2026 से जुड़ी एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। अब ट्रांसजेंडर (तीसरे लिंग) के उम्मीदवार भी हरियाणा सिविल सेवा और अन्य सरकारी नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेंगे। हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में “Gender” कॉलम में ट्रांसजेंडर का अलग विकल्प जोड़ दिया है।
23 फरवरी को आयोग ने वेबसाइट को करीब एक घंटे के लिए बंद रखकर यह तकनीकी अपडेट किया। इसके बाद आवेदन फॉर्म में ट्रांसजेंडर श्रेणी का विकल्प दिखाई देने लगा है। यह बदलाव पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद किया गया है।
हाईकोर्ट के निर्देश के बाद बड़ा बदलाव
पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सरकारी नौकरियों के आवेदन फॉर्म में “तीसरे लिंग” का कॉलम शामिल किया जाए ताकि ट्रांसजेंडर समुदाय को समान अवसर मिल सके। कोर्ट ने हरियाणा सरकार, HPSC, हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा कौशल रोजगार निगम को इस दिशा में कदम उठाने के निर्देश दिए थे।
कोर्ट ने चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल भर्ती मामले में भी साफ कहा था कि ट्रांसजेंडर उम्मीदवारों के आवेदन स्वीकार किए जाएं और उन्हें उनकी पहचान के आधार पर आवेदन करने की अनुमति दी जाए।
चार पॉइंट में समझिए चंडीगढ़ के ट्रांसजेंडर का केस
सौरव उर्फ किटू टांक की याचिका
चंडीगढ़ निवासी ट्रांसजेंडर सौरव उर्फ किटू टांक ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। उन्होंने मांग की कि हरियाणा की सरकारी नौकरियों के आवेदन फॉर्म में तीसरे लिंग (Transgender) का कॉलम जोड़ा जाए। कोर्ट ने मुख्य सचिव हरियाणा, HPSC, HSSC और HKRN को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया।
सुप्रीम कोर्ट पहले दे चुका है मान्यता
याचिका में यह भी कहा गया कि सर्वोच्च न्यायालय पहले ही ट्रांसजेंडर समुदाय को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दे चुका है। कई राज्यों ने इसे लागू भी किया है, लेकिन हरियाणा में लंबे समय तक यह व्यवस्था लागू नहीं हुई थी।
माउंट यूनुम पीक फतह करने वाली पहली ट्रांसजेंडर
याचिकाकर्ता के पास उपायुक्त चंडीगढ़ कार्यालय से जारी लिंग परिवर्तन प्रमाण पत्र (6 अगस्त 2022) है। उन्होंने आधार कार्ड में भी अपना जेंडर अपडेट कराया है। पर्वतारोहण प्रशिक्षण के बाद उन्होंने माउंट यूनुम पीक पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की और ऐसा करने वाली पहली ट्रांसजेंडर बनीं। इसके बाद उन्होंने माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई का प्रयास भी किया।
चंडीगढ़ पुलिस में मिली थी राहत
हाईकोर्ट के आदेश पर उन्हें चंडीगढ़ पुलिस कांस्टेबल (कार्यकारी) भर्ती में भाग लेने की छूट मिली थी। हालांकि, अन्य सरकारी नौकरियों में ट्रांसजेंडर श्रेणी का विकल्प न होने के कारण उन्हें अयोग्य माना जा रहा था। इसी कारण हरियाणा में भी समान अधिकार के लिए याचिका दायर की गई।
हरियाणा में 102 पदों पर चल रही HCS भर्ती
HPSC ने जनवरी 2026 में HCS (Executive Branch) और Allied Services के लिए 102 पदों का विज्ञापन जारी किया है।
आवेदन प्रक्रिया: 2 फरवरी 2026 से
कुल पद: 102
प्रारंभिक परीक्षा: 26 अप्रैल 2026
मुख्य परीक्षा: 27 से 29 जून 2026
इंटरव्यू: अगस्त–सितंबर 2026 (संभावित)
योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट hpsc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
बदला गया है HCS परीक्षा पैटर्न
हरियाणा सरकार ने HCS परीक्षा के पैटर्न में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं:
प्रारंभिक परीक्षा (Prelims)
कुल अंक: 400
दो वस्तुनिष्ठ प्रश्नपत्र
प्रत्येक पेपर 200 अंक
मुख्य परीक्षा (Mains)
कुल अंक: 600
सामान्य अध्ययन के 4 पेपर
वर्णात्मक प्रश्नपत्र शामिल
प्रत्येक पेपर की अवधि: 3 घंटे
प्रत्येक पेपर: 100 अंक
उम्मीदवारों को अब नए पैटर्न के अनुसार ही तैयारी करनी होगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?
यह फैसला केवल एक तकनीकी बदलाव नहीं बल्कि सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकारी नौकरियों में भागीदारी के अधिकार से ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा में लाने का रास्ता मजबूत होगा।
हरियाणा में चल रही HCS भर्ती प्रक्रिया के बीच यह बदलाव हजारों उम्मीदवारों के लिए अहम है। अब ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी भी अपनी पहचान के साथ आवेदन कर सकेंगे और समान प्रतिस्पर्धा का हिस्सा बनेंगे।

