पश्चिमी एशिया तनाव से सरकार ने लिया सबक, भविष्य की चुनौतियों से बेहतर तरीके से निपटने की तैयार
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : इजरायल और अमेरिका द्वारा ईरान पर किए जा रहे लगातार हमलों से पूरा पश्चिम एशिया युद्ध की आग में जल रहा है। इस अशांत वातावरण का असर पूरी दुनिया पर दिखाई दे रहा है विशेषकर एशियाई देशों में ऊर्जा आपूर्ति की चेन बाधित होने के चलते पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की किल्लत परेशान कर रही है। इसी बीच भारत सरकार बार-बार जनता से अपील कर रही है कि देश में पर्याप्त ऊर्जा भंडार मौजूद है लेकिन फिर भी कहीं न कहीं घबराहट दिखाई दे रही है। इसी बीच केंद्र सरकार ने भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए विशेष योजना बनाई है।
शहरी क्षेत्रों में इस तरह मिलेगी ऊर्जा क्षेत्र को गति
शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र को गति देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) नेटवर्क के विस्तार को प्राथमिकता देने पर जोर दिया है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को एक समीक्षा बैठक में सिंगल-विंडो अप्रूवल की व्यवस्था को संस्थागत बनाने, शहरी योजना में पीएनजी इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल करने, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने और मौजूदा शहरी विकास योजनाओं के साथ समन्वय बढ़ाने जैसे अहम बिंदुओं पर जोर दिया।
बैठक में उन्होंने कहा कि शहर आर्थिक विकास के प्रमुख इंजन हैं और पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए मिशन मोड में काम करने की जरूरत है। आवास व शहरी कार्य मंत्रालय के अनुसार, 50 लाख नए पीएनजी कनेक्शन देने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य भी तय किया गया है।
सरकार ने पीएनजी को ज्यादा सुरक्षित बताया
इस बैठक में विभिन्न हितधारकों ने शहरी भारत में पीएनजी नेटवर्क के विस्तार को तेज करने और आवश्यक सेवाओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने पर चर्चा की। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से दी गई प्रस्तुति में पीएनजी को एलपीजी के मुकाबले अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद, किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बताया गया। हालांकि, बैठक में कुछ प्रमुख चुनौतियों की भी पहचान की गई, जिनमें नगर निकायों से अनुमति में देरी, राइट आॅफ वे (फङ्मह) की मंजूरी और सड़कों की बहाली पर अधिक शुल्क शामिल हैं, जो नेटवर्क विस्तार में बाधा बन रहे हैं।

