वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने वाशिंगटन में हुए इस घटनाक्रम पर दी पहली प्रतिक्रिया
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका में टैरिफ को लेकर चल रहे घटनाक्रम पर भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा प्रतिक्रिया आई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री ने कहा है कि इस फैसले और इसके बाद अमेरिका की ओर से उठाए गए नए व्यापारिक कदमों के भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर का बारीकि से अध्ययन कर रहा है।
शनिवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने वाशिंगटन में हुए इस घटनाक्रम पर नई दिल्ली की तरफ से पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि हमने कल टैरिफ पर आए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर गौर किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस बारे में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित किया है। अमेरिकी प्रशासन ने कुछ नए कदमों का ऐलान किया है। हम इन सभी घटनाक्रमों और इनके प्रभावों का अध्ययन कर रहे हैं।
इसलिए बेहद अहम है घटनाक्रम
भारत के लिए यह पूरा घटनाक्रम इसलिए बेहद अहम है क्योंकि हाल ही में ट्रंप प्रशासन के साथ एक बहुप्रतीक्षित अंतरिम व्यापार समझौते के तहत, भारत पर लगने वाले 50 प्रतिशत के टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किया गया था। इससे पहले, भारत की ओर से रूसी कच्चा तेल खरीदने के कारण अमेरिका ने 25 प्रतिशत का अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ लगा दिया था। भारत के नीति-निमार्ता और उद्योग जगत अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि 24 फरवरी से लागू होने वाले नए शुल्क नियम भारतीय सामानों की अमेरिकी बाजार में पहुंच को कैसे प्रभावित करते हैं। वाणिज्य मंत्रालय की मौजूदा समीक्षा के आधार पर ही भारत अमेरिका के साथ आगे की व्यापारिक रणनीति और बातचीत की दिशा तय करेगा।
15 प्रतिशत टैरिफ से भारत को सीधा लाभ
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत समेत कई देशों पर लगाए गए ऊंचे पारस्परिक शुल्क (रेसिप्रोकल टैरिफ) को घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिस का भारत को सीधा लाभ होगा। पहले भारत से अमेरिका जाने वाले सामान पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ (शुल्क) लग रहा था। अब 24 फरवरी 2026 से यह घटकर 15 प्रतिशत रह जाएगा। यह फैसला 150 दिनों के लिए अस्थायी तौर पर लागू रहेगा। 20 फरवरी को व्हाइट हाउस की ओर से इसका आधिकारिक आदेश जारी किया गया।

