Army Day Parade At Jaipur, (द भारत ख़बर), जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सार्वजनिक सड़कों पर 78वें सेना दिवस के मौके पर आज भव्य सेना दिवस आयोजित की गई। इसमें सशस्त्र बलों की क्षमताओं, वीरता व अनुशासन को प्रदर्शित किया गया। पहली बार है जब जयपुर में कैंटोनमेंट क्षेत्र के बाहर सेना दिवस समारोह सार्वजनिक रूप से आयोजित किया गया। इसमें सेना की विभिन्न मैकेनिकल यूनिट, इन्फैंट्री यूनिट, पैराट्रूपर्स और अन्य आधुनिक क्षमताओं को दिखाया गया। चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने पूरी परेड को सलामी ली।
परेड में भैरव बटालियन को दिखाया गया
सेना के हालिया पुनर्गठन का हिस्सा नई गठित भैरव बटालियन (Bhairav Battalio) को परेड में दिखाया गया। भैरव बटालियन ने अपने आॅपरेशन सिंदूर सहित वैश्विक संघर्षों से परिचालन सबक लिया है। भैरव बटालियन पैरा स्पेशल फोर्सेज और नियमित इन्फैंट्री यूनिट के बीच तैनात है। इस बटालियन का गठन आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को पूरा करने और राष्ट्र के लिए दुश्मनों के खतरों के खिलाफ एक त्वरित और सटीक आक्रामक समाधान प्रदान करने के लिए किया गया था।
कंक्रीट पर अपने पैरों को थपथपाते हुए चली बटालियन
भैरव बटालियन, अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति में, कंक्रीट पर अपने पैरों को थपथपाते हुए निकली। सभी जवानों ने अपने चेहरे पर पेंट लगाया हुआ था और यह अपनी युद्ध गर्जना करते हुए निकली। घोषक ने कहा कि बटालियन के योद्धा, निडर होकर, दिन-रात रक्षा कर रहे हैं। वे खुद को दृढ़ रखे हुए हैं और हमारी भूमि की रक्षा कर रहे हैं। गढ़वाल स्काउट्स, सिक्किम स्काउट्स, अरुणाचल स्काउट्स सहित कई अन्य यूनिट भी अपनी पूरी किट और गियर में सलामी मंच के सामने से गुजरीं।
लड़कियों की मार्चिंग टुकड़ी को भी गर्व से प्रदर्शित किया गया
नेशनल कैडेट कोर (NCC) की सभी लड़कियों की मार्चिंग टुकड़ी को भी गर्व से प्रदर्शित किया गया। ये राष्ट्र की युवा शक्ति का प्रतिनिधित्व कर रही थी। सीनियर अंडर आफिसर कविता कुमावत इसका नेतृत्व कर रही थीं। सेना ने अपनी क्षमताओं का भी प्रदर्शन किया। इसमें रोबोट कुत्ते और आल टेरेन वाहन ब्रह्मोस मिसाइल, भारत की स्वदेशी रूप से निर्मित लंबी दूरी की, रैमजेट संचालित सुपरसोनिक मिसाइल का नेतृत्व कर रहे थे।
आईडीडीआईएस को प्रदर्शित किया
सेना ने अपनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और तकनीकी क्षमताओं को उजागर करते हुए अपना ‘इंटीग्रेटेड ड्रोन डिटेक्शन एंड इंटरडिक्शन सिस्टम (आईडीडीआईएस)’ प्रदर्शित किया, जिसका नेतृत्व 401 लाइट AAV रेजिमेंट की कैप्टन प्रिया यादव कर रही थीं। आईडीडीआईएस हवाई खतरों की पहचान करता है और फिर उन्हें ‘सॉफ्ट’ या ‘हार्ड’ किल के रूप में चिह्नित करता है, और तदनुसार उन्हें नष्ट कर देता है या जाम कर देता है। कॉम्बैट ड्रोन भी दिखाए गए, जिनकी अगुवाई 624 अअश् बटालियन के मेजर अनहद सिंह चटादार कर रहे थे।
यह भी पढ़ें : Indian Army Chief: जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने किया बीआरओ मुख्यालय का दौरा

