हरियाणा में लावारिस कुत्तों और बेसहारा पशुओं के बढ़ते हमलों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा राहत भरा फैसला लिया है। अब यदि प्रदेश में किसी व्यक्ति की कुत्ते के काटने से मौत होती है या वह दिव्यांग हो जाता है, तो पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा कुत्ते के काटने की सामान्य घटनाओं में भी सरकार की ओर से आर्थिक सहायता तय की गई है।
सरकारी प्रावधानों के अनुसार, कुत्ते द्वारा काटे जाने पर न्यूनतम 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाएगी, जबकि त्वचा कटने या गंभीर चोट की स्थिति में यह राशि 20 हजार रुपये तक होगी। पीड़ित परिवारों को यह सहायता आसानी से मिल सके, इसके लिए प्रदेश के सभी जिलों में उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटियों का गठन कर दिया गया है। इन कमेटियों में पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, जिला परिवहन अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी और योजना एवं जिला सांख्यिकी अधिकारी को शामिल किया गया है।
यह मुआवजा दीन दयाल उपाध्याय अंत्योदय परिवार सुरक्षा योजना (दयालु-2) के तहत दिया जाएगा। योजना के तहत यदि 1 लाख 80 हजार रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवार का कोई सदस्य कुत्तों या अन्य बेसहारा पशुओं जैसे गाय, भैंस, सांड, बैल, नीलगाय या गधे के हमले में मारा जाता है या दिव्यांग होता है, तो सरकार की ओर से 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। पीड़ित परिवार हादसे के तीन महीने के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश सरकार ने सड़कों पर लावारिस घूमते कुत्तों पर नियंत्रण के लिए भी कदम तेज कर दिए हैं। शहरों और कस्बों में डॉग शेल्टर (आश्रय स्थल) बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा में इस समय 4 लाख से अधिक लावारिस कुत्ते हैं। हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रदेश में हर महीने औसतन 10 लोगों की मौत बेसहारा पशुओं के कारण हो रही है, जबकि रोजाना करीब 100 डॉग बाइट के मामले सामने आ रहे हैं। पिछले 10 वर्षों में हरियाणा में 12 लाख से ज्यादा लोग कुत्तों के काटने का शिकार हो चुके हैं।
दयालु योजना के तहत अब तक सरकार 40 हजार से अधिक परिवारों को करीब 1500 करोड़ रुपये की सहायता दे चुकी है। सरकार का मानना है कि इस फैसले से न केवल पीड़ित परिवारों को आर्थिक संबल मिलेगा, बल्कि लावारिस पशुओं की समस्या से निपटने में भी प्रशासन को मजबूती मिलेगी।
लावारिस पशुओं के हमले में मौत या दिव्यांगता पर ऐसे मिलेगा मुआवजा
| आयु वर्ग | मुआवजा राशि |
| 6 से 12 साल | ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) |
| 12 से 18 साल | ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) |
| 18 से 25 साल | ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) |
| 25 से 45 साल | ₹5,00,000 (पाँच लाख रुपये) |
| 45 से 60 साल | ₹3,00,000 (तीन लाख रुपये) |



