सिरसा। हरियाणा सरकार की मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इस योजना के तहत जिन परिवारों की वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है, उन्हें बेटी के विवाह पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, ताकि शादी के खर्च को लेकर परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम किया जा सके।
जिले में अब तक इस योजना का लाभ 2334 पात्र परिवारों को मिल चुका है। प्रशासन के अनुसार, लाभार्थियों के खातों में कुल 13 करोड़ 99 लाख 66 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। यह योजना सामाजिक समानता और बेटियों के सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार का अहम कदम मानी जा रही है।
जिला कल्याण अधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कन्या के विवाह के बाद छह माह के भीतर आधिकारिक पोर्टल www.shaadi.edisha.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन करना अनिवार्य है। निर्धारित समय सीमा में आवेदन न करने पर लाभ राशि नहीं दी जाएगी। आवेदन स्वीकृत होने के बाद सहायता राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
सरकारी प्रावधानों के अनुसार अनुसूचित जाति और विमुक्त जाति वर्ग के लाभार्थियों को बेटी की शादी पर 71 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं सभी वर्गों की विधवा, बेसहारा महिला या अनाथ बेटियों के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद का प्रावधान है। सामान्य और पिछड़ा वर्ग के पात्र परिवारों को 41 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाती है।
इस योजना में दिव्यांगजनों के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है। यदि विवाह करने वाले दंपती दोनों दिव्यांग हों, तो उन्हें 51 हजार रुपये, जबकि दंपती में से किसी एक के दिव्यांग होने पर 41 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाती है। इसके अलावा महिला खिलाड़ियों को भी योजना के तहत आर्थिक मदद दी जाती है, यदि उन्होंने निर्धारित ओलंपिक, गैर-ओलंपिक या मान्यता प्राप्त टूर्नामेंटों में भाग लिया हो।
प्रशासन ने पात्र परिवारों से अपील की है कि वे समय पर आवेदन करें और सभी आवश्यक दस्तावेज सही ढंग से अपलोड करें, ताकि योजना का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके।


