Political News: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव का परिणाम देर रात घोषित कर दिया गया, जिसमें भाजपा और कांग्रेस को एक-एक सीट पर जीत मिली। भाजपा की ओर से संजय भाटिया को विजयी घोषित किया गया, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध ने जीत दर्ज की। वहीं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल को हार का सामना करना पड़ा।
बीजेपी ने हैट्रिक का सपना टूटा
इन चुनावों में बीजेपी ने हैट्रिक बनाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाई। बीते दो चुनावों की हार का बदला लेने में कांग्रेस सफल रही। कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे अपनी पार्टी की जीत बताया और कहा कि उन विधायकों का समय आने पर हिसाब होगा जिन्होंने क्रॉस वोट किया।Political News
बता दे मतदान को लेकर काफी विवाद हो गया था इसी को लेकर देर रात करीब एक बजे घोषित हुआ, जिससे यह नतीजा तय समय से एक दिन देरी से सामने आया। यानि परिणाम 16 मार्च कर बजाय 17 मार्च को सुनाया गया। तीन विधायकों के वोट को लेकर मामला चुनाव आयोग तक पहुंच गया, जिसके चलते गिनती में देरी हुई। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में चुनाव आयोग को पत्र भी लिखा।
चुनाव में हाई वोल्टेज ड्रामा
हरियाणा के पिछले राज्यसभा चुनावों की तरह इस बार भी चुनाव के दौरान बहुत नाटक हुआ। वोटों की गिनती में देरी हुई क्योंकि कांग्रेस और बीजेपी ने विभिन्न शिकायतें दर्ज कराई थीं। लगभग 10:30 बजे जब चुनाव आयोग ने इन शिकायतों को हल किया, तब जाकर गिनती का काम शुरू हुआ। इस चुनाव ने फिर से हरियाणा की राजनीति में सेंध लगाने का काम किया।
जांच के बाद भाजपा के अनिल विज और कांग्रेस विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोट वैध माने गए, जबकि कांग्रेस के ही परमवीर सिंह का वोट रद्द कर दिया गया। चुनाव के दौरान क्रॉस वोटिंग भी चर्चा का विषय रही।Political News
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस के कुछ विधायकों द्वारा क्रॉस वोटिंग की बात सामने आई, जिसे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने स्वीकार किया। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे पार्टी की ‘अग्नि परीक्षा’ बताया।Political News
अभय चौटाला पहले ही कर चुके है किनारा’ इनेलो ने इस चुनाव में दूरी बनाए रखी। पार्टी के वरिष्ठ नेता अभय चौटाला पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि उनकी पार्टी भाजपा और कांग्रेस दोनों से समान दूरी रखेगी और किसी भी उम्मीदवार का समर्थन नहीं करेगी। इसी के चलते इनेलो के दोनों विधायक मतदान से दूर रहे।Political News
इस चुनाव में क्रॉस वोटिंग और वोट रद्द होने की घटनाओं ने पूरे घटनाक्रम को और दिलचस्प बना दिया। हालांकि दोनों प्रमुख दलों को एक-एक सीट मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में इस परिणाम को संतुलित माना जा रहा है।Political News

