कहा, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अमेरिकी दौरे के दौरान युद्ध रुकवाने के लिए किया था धन्यवाद
Donald Trump (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : बीते साल भारत और पाकिस्तान में बने तनावपूर्ण हालात और युद्ध की संभावना को खत्म करने का दावा एक बार फिर से यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से किया है। व्हाइट हाउस में शीर्ष तेल और गैस कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात के दौरान मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण थे और हालात युद्ध की ओर बढ़ रहे थे। उन्होंने कहा, ‘पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यहां आए और उन्होंने साफ कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संकट में न्यूनतम दस मिलियन जानें बचाईं।’
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच एक बड़े संघर्ष को रोकने में अहम भूमिका निभाई थी। ट्रंप ने कहा कि दोनों देश एक दूसरे के खिलाफ बड़ी और सख्त सेना कार्रवाई करने के लिए तैयार थे लेकिन उन्होंने दोनों विशेषकर भारत पर दबाव बनाते हुए युद्ध को टाल दिया।
दोनों देशों में हो सकता था परमाणु युद्ध
ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत-पाकिस्तान के बीच हालिया तनाव में हालात इतने बिगड़ चुके थे कि दोनों देशों के आठ लड़ाकू विमान हवा में मार गिराए गए, लेकिन उनके हस्तक्षेप से परमाणु युद्ध जैसी स्थिति बनने से पहले ही मामला शांत हो गया। हालांकि, भारत ने इन दावों को लगातार खारिज किया है। भारतीय अधिकारियों का कहना है कि भारत-पाकिस्तान के बीच शांति किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से नहीं बल्कि सीधे दोनों देशों के सैन्य संवाद के जरिए हुई।
मेरे से ज्यादा युद्ध किसी ने नहीं रुकवाए
डोनाल्ड ट्रंप ने इस दौरान नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह डींग नहीं हांकना चाहते, लेकिन इतिहास में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जिसने उनसे ज्यादा युद्ध रुकवाए हों। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने आठ बड़े युद्धों को समाप्त कराया, जिनमें कुछ संघर्ष 25 से 36 वर्षों से जारी थे।
भारत कर चुका ट्रंप के बयान को निरस्त
एक तरफ जहां पाकिस्तान अंतरराष्टÑीय मंच पर सरेआम अमेरिका की भूमिका के लिए उसका कई बार धन्यावाद कर चुका है। वहीं भारतीय सरकार ट्रंप के इस बयान को लगातार खारिज करती आई है कि भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष अमेरिकी राष्टÑपति की वजह से टला। इसी के चलते ट्रंप भारत से नाराज चल रहे हैं और सख्त टैरिफ की धमकी दे रहे हैं।
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