वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक अपडेट में इसके 7.3 प्रतिशत की दर से वृद्धि की उम्मीद जताई
India GDP Growth Rate (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : विपरीत हालात और टैरिफ के दबाव के बीच भारतीय जीडीपी की विकास दर का पहिया धीमा नहीं हुआ है। यही कारण है कि विश्व की उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में यह सबसे ज्यादा प्रभावशाली दर से आगे बढ़ रही है। भारत की विकास दर हो लेकिर विश्व की तमाम रेटिंग एजेंसियों ने सकारात्मक आंकड़े पेश किए हैं। अब इन सब में आईएमएफ का नाम भी जुड़ गया है।
पहले 6.4 प्रतिशत विकास दर बताई थी
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर एक बार फिर वैश्विक मुहर लगी है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर के अपने अनुमान को संशोधित कर दिया है। वाशिंगटन स्थित इस बहुपक्षीय एजेंसी ने सोमवार को जारी अपने वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (डब्ल्यूईओ) अपडेट में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है। आईएमएफ का यह नया अनुमान अक्तूबर में जारी किए गए पिछले पूवार्नुमान से 0.7 प्रतिशत अंक अधिक है। वैश्विक एजेंसी कायह कदम बताता है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है।
इसलिए बढ़ाया विकास दर का अनुमान
आईएमएफ ने अपने विकास अनुमान को बढ़ाने के पीछे भारतीय अर्थव्यवस्था के उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन को मुख्य वजह बताया है। एजेंसी के अनुसार, वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में आर्थिक गतिविधियों के परिणाम अनुमान से कहीं अधिक सकारात्मक रहे हैं और चौथी तिमाही में भी यह मजबूत गति जारी रहने के संकेत हैं। सरकारी आंकड़ों ने भी इस तेजी की पुष्टि की है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के पहले अग्रिम अनुमानों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष (2025-26) में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.4 प्रतिशत की दर से विस्तार कर सकती है
महंगाई नियंत्रण में रहने की उम्मीद
आम आदमी और नीति निर्माताओं के लिए राहत की खबर यह है कि महंगाई नियंत्रण में रहने की उम्मीद है। आईएमएफ का कहना है कि खाद्य कीमतों में गिरावट के कारण 2025 में मुद्रास्फीति में उल्लेखनीय कमी आएगी और यह लक्ष्य के करीब वापस आ जाएगी। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का लक्ष्य हेडलाइन मुद्रास्फीति (सीपीआई) को 4 प्रतिशत (2 प्रतिशत के मार्जिन के साथ) पर बनाए रखना है। वैश्विक स्तर पर भी हेडलाइन मुद्रास्फीति 2025 में अनुमानित 4.1 प्रतिशत से घटकर 2026 में 3.8 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत होने की उम्मीद है।
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