भारत अब वैश्विक आर्थिक वृद्धि में अमेरिका से आगे निकल चुका
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : साल 2025 पूरी दुनिया के लिए व्यापार और अर्थव्यवस्था विकास के लिए बेहद खास रहा। दरअसल अमेरिका द्वारा नई टैरिफ नीति लागू करने के साथ ही विश्व व्यापार की तस्वीर बदल गई। इसके साथ ही विश्व के बहुत सारे देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका प्रतिकूल असर हुआ। हालांकि अमेरिका के इस कदम से भारत जैसे कई देश ऐसे रहे जिन्होंने अपनी व्यापारिक नीति तेजी से बदली और अर्थव्यवस्था को दबाव से बाहर निकालकर तेजी से विकास की पटरी पर चढ़ा दिया।
जिससे वर्तमान समय में दुनिया की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव आकार लेता दिख रहा है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के अनुमान और ताजा आंकड़ों ने संकेत दिया है कि वैश्विक आर्थिक वृद्धि का केंद्र अब धीरे-धीरे पश्चिम से पूर्व की ओर खिसक रहा है।
आईएमएफ की रिपोर्ट पर ये बोले मस्क
इन आंकड़ों पर अरबपति उद्योगपति एलन मस्क ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। मस्क ने आईएमएफ के जनवरी 2026 के अनुमानों पर आधारित एक चार्ट साझा करते हुए कहा कि ताकत का संतुलन बदल रहा है। इस अनुमान के अनुसार, वर्ष 2026 में वैश्विक वास्तविक जीडीपी वृद्धि में चीन और भारत मिलकर 43.6 प्रतिशत का योगदान देंगे, जबकि भारत अकेले 17 प्रतिशत के साथ दूसरे स्थान पर रहेगा। इसके मुकाबले अमेरिका का योगदान 9.9 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जिससे साफ होता है कि भारत अब वैश्विक आर्थिक वृद्धि में अमेरिका से आगे निकल चुका है।
बता दें कि मस्क की ये टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब दुनिया आर्थिक अस्थिरता और बढ़ते व्यापारिक तनावों से गुजर रही है। खासतौर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीन और भारत जैसे देशों पर लगाए गए भारी टैरिफ के बीच यह आंकड़े वैश्विक आर्थिक शक्ति के पूर्व की ओर खिसकने का संकेत देते हैं। आईएमएफ के मुताबिक, वैश्विक अर्थव्यवस्था 2026 में 3.3 प्रतिशत और 2027 में 3.2 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी, जो अक्तूबर 2025 के अनुमान से थोड़ा बेहतर है।

