हरियाणा के हिसार में बुधवार सुबह उस समय हलचल मच गई जब प्रतिष्ठित चिकित्सक डॉ. उमेश कालड़ा के ठिकानों पर आयकर विभाग की टीमों ने एक साथ छापेमारी की। शहर के सेक्टर-13 स्थित उनके आवास के साथ-साथ सर्वेश अस्पताल और सर्वोदय अस्पताल में भी कार्रवाई की गई। सुबह टीमों के पहुंचते ही परिसर में आवाजाही सीमित कर दी गई और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि निकट भविष्य में बड़े पैमाने पर वित्तीय लेनदेन होने वाला है। इसी इनपुट के आधार पर टीमों ने एक साथ कई स्थानों पर कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि संबंधित खातों की निगरानी पहले से की जा रही थी और हालिया गतिविधियों के आधार पर यह कदम उठाया गया।
जानकारी के मुताबिक, डॉ. कालड़ा सर्वोदय अस्पताल के संभावित हस्तांतरण की प्रक्रिया में थे और रजिस्ट्री जल्द होने की संभावना थी। हालांकि, एनओसी से जुड़ी औपचारिकताओं के कारण देरी की बात भी सामने आ रही है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े एक प्रोजेक्ट में निवेश को लेकर भी वित्तीय जांच का दायरा बढ़ा है।
कार्रवाई के दौरान टीमों ने दस्तावेजों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन से जुड़े कागजात की जांच शुरू की। अधिकारियों ने किसी भी सदस्य को परिसर से बाहर जाने की अनुमति नहीं दी, ताकि रिकॉर्ड की सत्यता और उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। आधिकारिक बयान आने तक जांच की प्रकृति और दायरे पर विभाग की ओर से विस्तृत टिप्पणी नहीं की गई है।
हिसार में इस कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज है, क्योंकि डॉ. कालड़ा शहर के जाने-माने चिकित्सकों में गिने जाते हैं। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि मामला किस स्तर तक जाता है और आगे की कानूनी प्रक्रिया क्या होगी। फिलहाल आयकर विभाग की टीमें सर्वे और दस्तावेजी सत्यापन में जुटी हुई हैं।

