अमेरिका ने सबसे कम टैरिफ दर भारत पर लागू की
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह न केवल विश्व की सबसे तेजी के साथ उभरती हुई अर्थव्यवस्था बन रहा है। बल्कि एशिया व्यापार में भी वह दुनिया का सबसे पसंदीदा गंतव्य बन रहा है। इस बात का प्रमाण भारत ने गत दिवस अमेरिका द्वारा टैरिफ की नई दरों के बारे में ऐलान के दौरान दिया है। दरअसल अमेरिकी उच्च टैरिफ के बावजूद भारत ने अमेरिका से व्यापार समझौते पर उसकी शर्तें नहीं मानी। भारत ने अपने दूसरे विकल्प प्रयोग किए। जिसका नतीजा यह निकला की अमेरिका न केवल व्यापार समझौते के लिए राजी हो गया बल्कि उसने भारत पर लगाई गई टैरिफ दरें भी कम कर दीं।
एशिया में सबसे कम टैरिफ भारत पर लगा
अमेरिकी राष्टÑपति ने सोमवार का ऐलान किया कि अमेरिका भारत के खिलाफ लगाए गए टैरिफ को कम करके 18 प्रतिशत कर रहा है। ट्रंप की घोषणा के बाद स्पष्ट हो चुका है कि एशिया में सबसे कम टैरिफ भारत के खिलाफ रह गया है। एशिया में अन्य देशों इंडोनेशिया पर 19, पाकिस्तान पर भी 19, बांग्लादेश पर 20, वियतनाम पर 20 और चीन पर 34 प्रतिशत टैरिफ अमेरिका द्वारा लगाया गया है। चीन के खिलाफ 34% के मुकाबले भारत पर केवल 18% का शुल्क लगना यह सुनिश्चित करता है कि अमेरिकी कंपनियां सप्लाई चेन के लिए अब बीजिंग के बजाय नई दिल्ली को प्राथमिकता देंगी।
अब भारत पर नहीं लगेगा 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ
अमेरिकी प्रशासन ने यह भी कहा है कि यदि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद कर दिया तो इस वजह से लगा 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ भी नहीं लगाया जाएगा। इस फैसले ने भारतीय निर्यातकों को चीन, वियतनाम और पाकिस्तान और बांग्लादेश के मुकाबले उत्पादों की कीमत के मामले में सीधे तौर पर लाभ दे दिया है। हालांकि, इस डील के साथ कुछ चुनौतियां भी हैं। जैसे इस सौदे के बदले भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा नीति में बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है, जिसमें रूसी तेल की खरीद बंद करना शामिल है। चीन और पड़ोसियों पर भारत की निर्णायक बढ़त इस नए टैरिफ स्ट्रक्चर ने दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के निर्यात बाजार का समीकरण बदल दिया है।
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