एमएसएमई उद्योगों के निर्यात को पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरेशियाई क्षेत्रों में आसान बनाया जाएगा
India-UAE Trade (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : तेजी से बदलते वैश्विक व्यापार के चलते भारत और यूएई ने आपसी व्यापारिक रिश्तों को और भी ज्यादा मजबूत करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने यह फैसला लिया है कि 2032 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 200 अरब डॉलर किया जाएगा। 2023-24 में दोनों पक्षों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 84 अरब डॉलर था। यह भी तय किया गया कि एमएसएमई उद्योगों के निर्यात को पश्चिम एशियाई, अफ्रीकी और यूरेशियाई क्षेत्रों में आसान बनाया जाएगा।
यह सब निर्णय संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान सोमवार (19 जनवरी) को संक्षिप्त दौरे के दौरान पीएम से बैठक के दौरान लिए गए। इस दौरान भारत और यूएई के रिश्तों को और मजबूती आई। पीएम मोदी प्रोटोकॉल तोड़ एयरपोर्ट पर खुद उनको रिसीव करने पहुंचे। दोनों नेताओं ने गर्मजोशी से एक-दूसरे को गले लगाया और फिर एक ही कार में सवार होकर एयरपोर्ट से रवाना हुए। इसके बाद लोक कल्याण मार्ग में अहम बैठक हुई। यहां दोनों नेताओं ने द्विपक्षी समेत कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और कई समझौतों व घोषणाओं पर सहमति जताई।
0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी की होगी आपूर्ति
दोनों पक्षों के बीच सालाना 0.5 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी (तरलीकृत प्राकृतिक गैस) की आपूर्ति के लिए एक दीर्घकालिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। 10 साल के लिए यह समझौता हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) और अबू धाबी की सरकारी तेल कंपनी गैस (एडीएनओसी गैस) के बीच हुआ। यूएई कतर के बाद भारत को एलएनजी का दूसरा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है।
असैन्य परमाणु सहयोग बढ़ाएंगे
इसके अलावा दोनों देश द्विपक्षीय असैन्य परमाणु सहयोग को बढ़ावा देने पर भी राजी हुए। इसमें बड़े परमाणु रिएक्टरों और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों का विकास, साथ ही उन्नत रिएक्टर प्रणालियों और परमाणु ऊर्जा संयंत्रों के संचालन में सहयोग शामिल है। दोनों नेताओं के बीच बातचीत में कई नए और उभरते क्षेत्रों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें भारत में शांति अधिनियम पारित होने के आलोक में नागरिक परमाणु सहयोग के नए अवसर शामिल हैं।
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