17 ट्रेड एग्रीमेंट किए इनमें 13 एफटीए शामिल, जल्द ही कई और देशों से होंगे व्यापारिक समझौते
India Trade Deal (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अप्रैल 2025 में अमेरिका ने पूरी दूनिया को चौकाते हुए अचानक से अपनी नई टैरिफ नीति लागू करने की घोषणा कर दी। इससे विश्व के अधिकत्तर देशों को एक नई तरह की व्यापारिक परिस्थिति का सामना करना पड़ गया। भारत के लिए हालात अगस्त 2025 में उस समय मुश्किल हो गए जब अमेरिका ने 50 प्रतिशत टैरिफ भारतीय उत्पादों पर लगा दिया।
इसके बाद भारत ने तेजी से अपने व्यापारिक रुख बदलते हुए वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ अपने व्यापारिक रिश्तों को तेजी से मजबूत करते हुए दिसंबर 2025 तक अलग-अलग देशों और क्षेत्रीय ब्लॉकों के साथ कुल 17 ट्रेड एग्रीमेंट कर लिए हैं। इनमें 13 मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) शामिल हैं, जबकि शेष प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (पीटीए) और इकोनॉमिक कोआॅपरेशन एग्रीमेंट (ईसीए) के रूप में हैं। हालांकि भारत पिछले करीब एक दशक से इन रिश्तों को मजबूत करने के लिए प्रयासरत्त था। इस दौरान भारत ने कई अहम समझौते किए थे लेकिन अब इनमें काफी तेजी आ गई है।
2024 में किया था पहला एफटीए
2024 में भारत ने ईएफटीए देशों स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के साथ अपना पहला एफटीए किया, जिसमें $100 अरब निवेश और 10 लाख नौकरियों का लक्ष्य शामिल है। वहीं, 2022 में संयुक्त अरब अमीरात के साथ हुए उएढअ ने 90% से अधिक भारतीय निर्यात पर टैरिफ में बड़ी कटौती की, जबकि 2021 में मॉरीशस के साथ समझौते ने अफ्रीकी बाजारों तक भारत की पहुंच को आसान बनाया।
ऑस्ट्रेलिया और अन्य प्रमुख साझेदार
भारत ने 2022 में ऑस्ट्रेलिया के साथ ईसीटीए किया, जिससे कपड़ा, फार्मा, केमिकल और कृषि उत्पादों के लिए ऑस्ट्रेलिया बाजार खुला। जापान और दक्षिण कोरिया के साथ पहले से मौजूद सीईपीएएस ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत की स्थिति मजबूत की है।
इन देशों से व्यापार समझौतों पर वार्ता जारी
भारत फिलहाल यूरोपीय संघ, अमेरिका, इजराइल, आसियान, न्यूजीलैंड, कनाडा और गल्फ कोआॅपरेशन काउंसिल के साथ ट्रेड डील पर बातचीत कर रहा है। अमेरिका के साथ ‘मिशन 500’ के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य है। ॠउउ के साथ संभावित एफटीए से ऊर्जा, निवेश और सेवाओं में सहयोग और गहराने की उम्मीद है।
ओमान बना भारत का 17वां ट्रेड पार्टनर
दिसंबर 2025 में भारत और ओमान के बीच साइन हुआ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (उएढअ) भारत का ताजा व्यापार समझौता है। यह यूएई के बाद खाड़ी क्षेत्र में भारत का दूसरा बड़ा समझौता है। इसके तहत 98% भारतीय सामानों को ओमान के बाजार में जीरो-ड्यूटी एक्सेस मिलेगा, जिससे कपड़ा, चमड़ा, इंजीनियरिंग और फार्मा जैसे क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।
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