अमेरिका के साथ व्यापार समझौते के बाद 118 अरब डॉलर का मिलेगा बाजार
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच होने जा रहा द्विपक्षीय व्यापार समझौता दोनों देशों के लिए समृद्धि लेकर आ रहा है। एक तरफ जहां भारत पर लगाए गए टैरिफ को अमेरिका ने काफी हद तक कम कर दिया है। वहीं इन दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौते पर अगले माह हस्ताक्षर होने की भी उम्मीद है।
अमेरिका के साथ व्यापार समझौता होने पर भारत के जिस उद्योग क्षेत्र को सबसे ज्यादा फायदा होगा वह है भारत का कपड़ा उद्योग। इस समझौते के बाद अमेरिका का 118 अरब डॉलर का आयात बाजार भारतीय कपड़ा और परिधान क्षेत्र के लिए ज्यादा सुलभ हो जाएगा। सरकार ने इसे निर्यात, निवेश और रोजगार बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया है। अमेरिका पहले से ही भारत के वस्त्र निर्यात का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगा सीधा लाभ
वस्त्र मंत्रालय के मुताबिक इस समझौते से भारतीय वस्त्र और परिधान उत्पादों पर लगने वाला 18 प्रतिशत जवाबी शुल्क घटेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को कीमत के मामले में सीधा फायदा मिलेगा। मंत्रालय का कहना है कि अब भारत की स्थिति बांग्लादेश, चीन, पाकिस्तान और वियतनाम जैसे प्रतिस्पर्धी देशों की तुलना में मजबूत होगी। बड़े अंतरराष्ट्रीय खरीदार भी अब अपनी खरीद रणनीति में भारत को प्राथमिकता दे सकते हैं।
वर्तमान में इतना है भारत का निर्यात
सरकारी आंकड़ों के अनुसार अमेरिका को भारत का मौजूदा वस्त्र निर्यात करीब 10.5 अरब डॉलर का है। इसमें लगभग 70 प्रतिशत हिस्सा परिधान का और करीब 15 प्रतिशत मेड-अप्स का है। शुल्क घटने से भारतीय उत्पाद सस्ते और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। इससे नए आॅर्डर मिलने और निर्यात बढ़ने की उम्मीद जताई गई है। उद्योग को लागत के मोर्चे पर राहत मिलेगी। सरकार ने वर्ष 2030 तक 100 अरब डॉलर के वस्त्र निर्यात का लक्ष्य रखा है। मंत्रालय का कहना है कि नया व्यापार समझौता इस लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगा। अनुमान है कि कुल वस्त्र निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी पांचवें हिस्से से ज्यादा रह सकती है। इससे बाजार जोखिम भी बंटेगा और निर्यात ढांचा मजबूत होगा।
इन क्षेत्रों को भी मिलेगा समझौते का लाभ
इस अंतरिम व्यापार समझौते का फायदा सिर्फ कपड़ा क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। परिधान, फुटवियर, प्लास्टिक, रबर और रसायन जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को भी राहत मिलेगी। आयात शुल्क घटने से इन सेक्टरों के उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। उद्योग संगठनों का कहना है कि ऊंचे शुल्क के कारण हाल के महीनों में निर्यात प्रभावित हुआ था, अब स्थिति सुधर सकती है।
ये भी पढ़ें : Gold Price Update : सोने और चांदी के दाम में दोबारा आया उछाल

