कहा, देश की मजबूत जीडीपी वृद्धि अथक प्रयास और समयबद्ध कार्रवाई का नतीजा
Nirmala Sitharaman (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र के दौरान संसद में चर्चा के दौरान देश की जीडीपी विकास दर और कम मुद्रास्फीति पर विपक्ष के सवाल का जवाब देते हुए विस्तार से चर्चा की। वित्त मंत्री ने राज्यसभा में बताया कि मौजूदा समय में भारतीय अर्थव्यवस्था दुर्लभ संतुलन पर खड़ी है। उन्होंने कहा कि इस साल जो बजट पेश किया गया वह 2047 के विकसित राष्टÑ की नींव मजबूत करने का काम करेगा।
सरकार के अथक प्रयासों से ही जीडीपी ने पकड़ी रफ्तार
वित्त मंत्री ने कहा कि देश में मजबूत जीडीपी वृद्धि और ऐतिहासिक रूप से कम मुद्रास्फीति का दौर कोई संयोग या ‘तुक्का’ नहीं है। उन्होंने इसे सरकार की बारीक योजना, अथक प्रयास और समयबद्ध कार्रवाई का नतीजा बताया। सीतारमण ने जोर देकर कहा कि बजट 2026-27 भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की नींव को और मजबूत करेगा। जीडीपी 7.4% और महंगाई 2%: आंकड़ों की जुबानी वित्त मंत्री ने सदन में आंकड़ों के साथ सरकार का पक्ष रखा।
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के पहले अग्रिम अनुमानों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान है, जबकि नॉमिनल ग्रोथ लगभग 8% रहेगी। सबसे बड़ी राहत महंगाई के मोर्चे पर है, जहां सीपीआई मुद्रास्फीति घटकर लगभग 2% के स्तर पर आ गई है। सीतारमण ने इसे भारत का “स्वर्णमय क्षण” करार दिया।
लघु व मध्यम उद्योग अर्थव्यवस्था की रीढ़
इस दौान वित्त मंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास कर रही है और यह आने वाले समय मेंं भी जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि लघु एवं मध्यम उद्यमों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इनके लिए खजाना खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि एसएमई विकास कोष के लिए बजट में 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार ने देश भर में 200 पुराने औद्योगिक समूहों के पुनरुद्धार की योजना बनाई है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन कदमों का सीधा असर रोजगार सृजन और घरेलू विनिर्माण क्षमता बढ़ाने पर पड़ेगा।
सर्विस सेक्टर के लिए नया लक्ष्य तय किया
सरकार ने सर्विस सेक्टर के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। वित्त मंत्री ने घोषणा की कि 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में भारत की हिस्सेदारी 10% करने का लक्ष्य है। इसके लिए एक उच्च स्तरीय ‘शिक्षा से रोजगार’ समिति का गठन किया जा रहा है। यह समिति आईटी, फिनटेक, लॉजिस्टिक्स और एआईजैसे क्षेत्रों पर फोकस करेगी।
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