कन्फेडरेशन आॅफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री के आंकड़ों से स्पष्ट हुई स्थिति
Business News Hindi (द भारत ख़बर, बिजनेस डेस्क : अमेरिका द्वारा भारत पर पिछले साल लगाए गए उच्च टैरिफ की दर को फरवरी में कम कर दिया है। पहले जहां भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जा रहा था अब वह कम होकर 18 प्रतिशत रह गया है। लेकिन इस सबके बीच जनवरी में भारतीय टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग को नुकसान झेलना पड़ा है। अमेरिका निर्यात होने वाले उत्पादों में जनवरी के दौरान गिरावट दर्ज की गई।
यह बात कन्फेडरेशन आॅफ इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री के आंकड़ों से सामने आई है। इन आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में टेक्सटाइल निर्यात में 3.68 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि अपैरल निर्यात 3.84 प्रतिशत घटा। कुल मिलाकर, टेक्सटाइल और अपैरल का संयुक्त निर्यात जनवरी 2026 में 3,275.44 मिलियन डॉलर रहा, जो जनवरी 2025 के 3,403.19 मिलियन डॉलर से कम है। इस तरह कुल निर्यात में 3.75 प्रतिशत की नकारात्मक वृद्धि (डिग्रोथ) दर्ज की गई।
इन उत्पादों में आई सबसे ज्यादा गिरावट
गिरावट का असर खासतौर पर प्रमुख टेक्सटाइल सेगमेंट्स में देखने को मिला। कॉटन यार्न, फैब्रिक्स, मेड-अप्स और हैंडलूम उत्पादों का निर्यात 4.15 प्रतिशत घटकर 995.58 मिलियन डॉलर रह गया, जो एक साल पहले इसी महीने 1,038.69 मिलियन डॉलर था।
भारत और नॉर्वे मिलकर उठाएंगे टीईपीए का लाभ
भारत और नॉर्वे ने व्यापार के क्षेत्र में अपनी साझेदारी मजबूत करने के लिए ट्रेड एंड इकोनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (टीईपीए) के प्रभावी उपयोग और इसका लाभ उठाने पर सहमति जताई है। दोनों देशों ने आपसी व्यापार मजबूत करने खासकर ब्ल्यू इकॉनमी, ग्रीन इकॉनमी और संप्रभु संपत्ति एवं पेंशन फंड के जरिए निवेश बढ़ाने के क्षेत्रों में मिलकर काम करने पर सहमति जताई है।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ओस्लो में नॉर्वे के वित्त मंत्री जेंस स्टोल्टेनबर्ग के साथ बैठक कर द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा की। वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि बैठक के दौरान नॉर्वे के वित्त मंत्री ने भारत की तेज आर्थिक वृद्धि को निवेश और विकास के लिए बड़े अवसरों वाला बताया।
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