विश्व सप्लाई चेन बुरी तरह हो रही प्रभावित, दुनियाभर में जरूरी सामान, तेल व गैस की किल्लत
Business News Hindi (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और इजरायल पर किए जा रहे हमलों के जवाब में ईरान ने न केवल इन दोनों देशों को परेशानी में डाल रखा है बल्कि पिछले करीब एक माह से ज्यादा समय से उसने होर्मुज जलडमरूमध्य को रोककर पूरी दुनिया को सकते में डाल दिया है। विश्व के कई देशों में सप्लाई बाधित होने से जरूरी सामान की किल्लत होने लग गई है।
एशिया में भी भारत सहित लगभग सभी देशों में तेल व गैस की सप्लाई बाधित हुई है। पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान युद्ध के साथ-साथ होर्मुज पर है कि आखिर पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण यह समुद्री मार्ग आखिर कब तक पूरी तरह से खुलेगा। वहीं अंतरराष्टÑीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज के जल्द व पूरी तरह से खुलने के तीन तरीके हैं।
होर्मुज खुलने का पहला विकल्प
पहला विकल्प यह है कि ईरान ट्रंप की मांगों के आगे झुक जाए और युद्धविराम हो जाए। हालांकि, इसके बाद ईरान विदेशी जहाजों से भारी टोल वसूलना शुरू कर सकता है। हाल ही में कुछ जहाजों पर ऐसे टोल लगाए जाने की खबरें भी आई हैं। शांति काल में टोल लगाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, लेकिन अगर ऐसा हुआ, तो खाड़ी क्षेत्र से होने वाले सभी नियार्तों की कीमतें बढ़ना तय है।
होर्मुज खोले जाने का दूसरा विकल्प
अमेरिका हवाई और मिसाइल हमलों से आगे बढ़कर जमीनी कार्रवाई शुरू कर सकता है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के लगभग 50,000 सैनिक मौजूद हैं। रास्ता खोलने के लिए अमेरिका को अपने नौसैनिक बेड़े उतारने होंगे जो समुद्र में माइन्स को हटा सकें और व्यापारिक जहाजों को एस्कॉर्ट कर सकें। हालांकि, सहयोगी देशों का समर्थन न मिलने के कारण ट्रंप के लिए यह सैन्य और राजनीतिक जोखिम उठाना फिलहाल मुश्किल लग रहा है।
होर्मुज खोलने का तीसरा संभावित विकल्प
तीसरा विकल्प यह है कि अमेरिका युद्ध समाप्त कर दे और अपनी सेना हटा ले, लेकिन सुरक्षित मार्ग का मसला अनसुलझा रहे। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र (यूएन) एक नया प्रस्ताव लाकर सदस्य देशों को सामूहिक नौसैनिक कार्रवाई की अनुमति दे सकता है। ब्रिटेन, आॅस्ट्रेलिया और चीन जैसे देश, अमेरिकी सेना की वापसी के बाद यूएन के नेतृत्व वाले गठबंधन के तहत व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकालने की जिम्मेदारी उठा सकते हैं।
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