- चार-पांच सप्ताह तक चल सकता है अभियान: डोनाल्ड ट्रंप
- 14 देशों से अमेरिकी नागरिकों को बाहर निकलने का निर्देश
- ईरान में फंसे हैं छात्रों सहित लगभग 9,000 भारतीय
- ईरान के खिलाफ निर्णायक होगी सैन्य कार्रवाई : नेतन्याहू
तेहरान/यरुशलम/वाशिंगटन: इजरायल और अमेरिका का ईरान पर हमलों व ईरान के इजरायल-यूएस के अलावा अन्य देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों का मंगलवार को चौथा दिन है और अब भी इस संघर्ष के कारण पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बने तनाव के कम होने का कोई संकेत नहीं हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभियान के चार से पांच सप्ताह तक चलने का संकेत दिया है। वहीं इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई त्वरित और निर्णायक होगी। मिडिल ईस्ट में तनाव के चलते पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में हवाई क्षेत्र बंद अस्थायी तौर पर बंद हैं जिसकी वजह से खाड़ी क्षेत्र में उड़ान संचालन व्यापक तौर पर प्रभावित हुआ है।
भारत सहित कई देशों के यात्री विभिन्न देशों में फंसे
अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद होने से बड़ी संख्या में भारत सहित कई देशों के यात्री विभिन्न देशों में फंस गए हैं। स्थिति को देखते हुए भारतीय राजनयिक मिशनों ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए सक्रिय पहल शुरू की है। साथ ही कई एयरलाइनों ने भी विशेष राहत उड़ानों का ऐलान किया है। मंगलवार को दुबई में फंसे 149 यात्री दिल्ली पहुंचे और 217 ने चेन्नई पहुंचकर राहत की सांस ली। स्वदेश लौटकर कई यात्रियों ने कहा कि अब वह खुश हैं। इस बीच प्राप्त जानकारी के अनुसार अमेरिका-इजरायल के हमलों में मारे गए ईरान के नागरिकों की संख्या 787 हो गई है। सरकारी मीडिया ने ईरानी रेड क्रिसेंट के हवाले से यज जानकारी उपलब्ध करवाई है।
अमेरिका ने इन देशों से नागरिकों को दी जल्द निकलने की सलाह
जंग के चलते मध्य पूर्व के कई देशों और क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों को वहां से तुरंत निकलने की सलाह दी है। विदेश विभाग ने जिन देशों और क्षेत्रों को इस चेतावनी में शामिल किया है, उनमें मिस्र, बहरीन, ईरान, इराक, इजराइल, कब्जा किया गया वेस्ट बैंक और गाजा, जॉर्डन, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, कुवैत, सीरिया, ओमान, लेबनान, यमन और कतर शामिल हैं। अमेरिका के कांसुलर मामलों के सहायक सचिव मोरा नामदार ने एक्स पर लिखा कि जो भी अमेरिकी इन देशों में हैं, उन्हें उपलब्ध कमर्शियल परिवहन से तुरंत निकल जाना चाहिए।
सीमित समय तक चलेगा सैन्य अभियान : नेतन्याहू
इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ईरान के खिलाफ मौजूदा सैन्य अभियान को इजरायल अंतहीन संघर्ष में नहीं बदलना चाहता। उन्होंने कहा, यह अंतहीन युद्ध नहीं है, बल्कि यह सीमित समय तक चलेगा। इसे लंबी अवधि की प्रक्रिया में बदलने की योजना नहीं है। क्षेत्र में स्थायी शांति की दिशा में यह सैन्य अभियान अहम कदम है। नेतन्याहू ने दोहराया कि सत्ता परिवर्तन की अंतिम जिम्मेदारी ईरान की जनता की है, लेकिन अमेरिका व इजरायल मिलकर ऐसी परिस्थितियां बना रहे हैं, जिससे वहां के लोग अपने भविष्य को लेकर निर्णय ले सकें।
दिल्ली आईजीआई एयरपोर्ट पर 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड ने बताया है कि पश्चिमी एशिया संकट के बीच आईजीआई एयरपोर्ट से पश्चिम की तरफ जाने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें विलंबित या रद्द हो गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर मंगलवार सुबह 80 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द हो गईं, जिसमें 36 डिपार्चर और 44 अराइवल शामिल थीं। पश्चिमी उड़ानों में देरी और शेड्यूल बदलाव की जानकारी के लिए यात्रियों से एयरलाइंस से अपडेट चेक करने और वैकल्पिक रूट चुनने की सलाह दी गई है। पिछले तीन दिनों में भारतीय एयरलाइंस ने 1,117 विदेशी उड़ानें रद्द की हैं। दिल्ली एयरपोर्ट पर रोजाना 1,300 से ज्यादा उड़ानों के बीच यह संकट यात्रियों के लिए चुनौती बना हुआ है।
जहाजरानी महानिदेशालय ने जारी की एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच भारत के जहाजरानी महानिदेशालय ने समुद्री क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी में जहाज संचालकों, प्रबंधन कंपनियों व कप्तानों को उच्च स्तर की सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। सभी आॅपरेटरों से कहा गया है कि वे हर यात्रा से पहले मार्ग-विशेष जोखिम आकलन करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित प्राधिकरण को दें। महानिदेशालय के अनुसार अब तक 4 ऐसी घटनाओं की सूचना मिली है, जिनमें भारतीय नाविक प्रभावित हुए हैं। ये सभी घटनाएं विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर हुईं। इन घटनाओं में तीन भारतीय नाविकों की मौत हुई है, जबकि एक घायल हुआ है।
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