फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस ने मांगा 40 करोड़ रुपए का हर्जाना
Ranveer Singh, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: आदित्य धर की धुरंधर की वजह से रणवीर सिंह पिछले काफी वक्त से सुर्खियों में बने हुए हैं। इस फिल्म की सक्सेस के बीच रणवीर सिंह को बड़ा झटका लगा है। दरअसल, धुरंधर के बाद रणवीर सिंह ने अपनी मोस्ट अवेटेड फिल्म डॉन 3 से किनारा कर लिया था। इसी के चलते रणवीर और डॉन 3 के मेकर्स के बीच विवाद गर्माता हुआ नजर आ रहा है। फरहान अख्तर के प्रोडक्शन हाउस एक्सल एंटरटेनमेंट ने अब रणवीर सिंह से भारी हर्जाने की मांग की है।
फरहान अख्तर की डॉन 3 की तीन साल पहले अनाउंसमेंट हुई थी। इस फिल्म को रणवीर सिंह ने साइन भी कर लिया था। लेकिन फिर उन्होंने इससे किनारा कर लिया। रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह के अचानक प्रोजेक्ट छोड़ने की वजह से फिल्म ठंडे बस्ते में चली गई, जिससे स्टूडियो को भारी नुकसान हुआ है। इसी के चलते अब एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह से 40 करोड़ रुपये की डिमांड कर डाली है।
रणवीर सिंह से की 40 करोड़ की डिमांड
वैरायटी इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, डॉन 3 के प्री-प्रोडक्शन का काम भी शुरू हो गया था। हालांकि, शूटिंग शुरू होने से पहले ही रणवीर ने इससे एग्जिट ले लिया। अब रणवीर सिंह को ऐन वक्त मौके पर डॉन 3 छोड़ने के लिए भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है। रिपोर्ट में बताया गया है कि फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की एक्सेल एंटरटेनमेंट ने रणवीर सिंह से डॉन 3 छोड़ने के चलते 40 करोड़ रुपये हर्जाना भरने की डिमांड की है।
रणवीर सिंह ने क्यों छोड़ी थी डॉन 3?
रिपोर्ट में सोर्स के हवाले से बताया गया है कि प्रोडक्शन बैनर का मानना है कि एक्टर को कंपनी को हुए नुकसान के लिए हर्जाना देना चाहिए। हालांकि, कहा जा रहा है कि रणवीर सिंह इसका विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि वो कोई भी रकम देने के लिए जिम्मेदार नहीं हैं।
सोर्स ने बताया, रणवीर का दावा है कि उन्होंने प्रोजेक्ट इसलिए छोड़ा क्योंकि वो स्क्रिप्ट से खुश नहीं थे। वो लगातार बदलाव करने के लिए कह रहे थे और उन्हें फाइनल ड्राफ्ट पसंद नहीं आया। दूसरी ओर, एक्सेल एंटरटेनमेंट का दावा है कि उन्होंने प्री-प्रोडक्शन का काम तभी शुरू किया जब रणवीर सिंह ने उन्हें हरी झंडी दी थी।
प्रोडक्शन हाउस और रणवीर के बीच हुई बातचीत
रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि बीते शुक्रवार को रणवीर और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच दो घंटे लंबी मीटिंग हुई। लेकिन इसका कोई नतीजा नहीं निकला और दोनों ने ही इस प्रोजेक्ट के पटरी से उतरने के लिए एक दूसरे पर आरोप लगाए हैं। विवाद बढ़ने पर प्रोड्यूसर्स गिल्ड आॅफ इंडिया अब बीच-बचाव करने के लिए आगे आया है, ताकि कोई बीच का रास्ता निकाला जा सके और मामला और ज्यादा न बढ़े।

