पश्चिम एशिया तनाव के चलते जनता पर महंगाई की मार, पिछले सप्ताह ही बढ़ाए थे पेट्रोल-डीजल के दाम
Pakistan LPG Rate (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान के साथ जारी युद्ध को एक माह पूरा हो रहा है। इसी बीच एक तरफ जहां इन दोनों देशों ने ईरान पर जबरदस्त हमले किए हैं वहीं ईरान ने भी इन दोनों को मुंहतोड़ जवाब दिया है। यही कारण है कि एक माह बीतने के बाद अमेरिका और इजरायल दोनों ही ईरान को हार मानने पर मजबूर नहीं कर सके हैं। लेकिन इस युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर पूरे विश्व पर पड़ता दिखाई दे रहा है।
विशेषकर एशिया के देशों में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी गैस की किल्लत साफ दिखाई दे रही है। इसका असर भारत के पड़ौसी देश पाकिस्तान पर विशेष तौर पर पड़ रहा है। पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स और पाकिस्तान ब्यूरो आॅफ स्टैटिस्टिक्स के सेंसिटिव प्राइस इंडेक्स के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, 11.67 किलोग्राम एलपीजी सिलिंडर की कीमत 3,150-3,968 रुपए से बढ़कर 3,900-5,135 रुपये तक पहुंच गई है। पंजाब के कई शहरों में कीमतों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई है।
इसलिए लगातार बढ़ रहे दाम
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तेजी के पीछे वैश्विक कारण प्रमुख हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतें बढ़ी हैं। इसके अलावा ईद और नौरोज के दौरान ईरान से आने वाली गैस सप्लाई में भी गिरावट आई है, जो पहले 10,000 से 12,000 टन प्रतिदिन थी। पाकिस्तान की कुल एलपीजी जरूरत लगभग 20 लाख टन सालाना है, जिसमें से करीब 12 लाख टन आयात करना पड़ता है, जबकि 8 लाख टन घरेलू उत्पादन से पूरा होता है। मार्च में तीन जहाजों के जरिए लगभग 20,000 टन एलपीजी की आपूर्ति हुई, लेकिन यह मांग के मुकाबले काफी कम साबित हुई।
ऊर्जा सुरक्षा पर पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश के पास कच्चे तेल का भंडार केवल 11 दिनों के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा डीजल 21 दिन, पेट्रोल 27 दिन, एलपीजी महज 9 दिन और जेट फ्यूल 14 दिन तक ही उपलब्ध है। पाकिस्तान अपनी करीब 70 प्रतिशत पेट्रोलियम जरूरतों के लिए मध्य पूर्व पर निर्भर है। ऐसे में क्षेत्रीय संघर्ष के कारण शिपिंग रूट और सप्लाई चेन प्रभावित होने से संकट और गहरा गया है।

