कहा- मैं ट्रेंड वकील हूं खुद पैरवी करूंगी, मनमाने ढंग से वोटर लिस्ट से नाम हटाए
Mamata Banerjee, (द भारत ख़बर), सागर द्वीप: पश्चिम बंगाल की सीएम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि वह राज्य में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिविजन (एसआईआर) के दौरान हुई मौतों के मामले में कोर्ट जाएंगी। उन्होंने कहा कि मंगलवार को इसे लेकर अर्जी दायर की जाएगी। ममता ने कहा कि एक आम नागरिक के रूप में इस अमानवीय प्रक्रिया के खिलाफ पैरवी करूंगी। मैं एक ट्रेंड वकील हूं। यदि अनुमति मिली, तो मैं सुप्रीम कोर्ट भी जाऊंगी। ममता सोमवार को दक्षिण 24 परगना जिले के सागर द्वीप में रैली को संबोधित कर रही थी।
ममता ने आरोप लगाया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को भी वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेसिव रिविजन (एसआईआर) के दौरान मतदान केंद्र पर वैधता साबित करने के लिए कतारों में खड़ा किया गया। ममता ने पूछा अगर कोई भाजपा नेताओं के बूढ़े माता-पिता को पहचान साबित करने के लिए लाइन में खड़ा कर दे, तो उन्हें कैसा लगेगा?
भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले मजदूरों के साथ भेदभाव किया जा रहा
ममता ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रोसेस में बिना वैध कारणों के बिना मनमाने ढंग से मतदाता सूची से नाम हटाए जा रहे हैं। विधानसभा चुनावों से पहले एसआईआर लोगों को डराने की प्रोसेस बन गई है। ममता ने आरोप लगाया कि भाजपा शासित राज्यों में बंगाली बोलने वाले मजदूरों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। ममता ने कहा, मैं चुनौती देती हूं कि वे चाहे मुझे जान से मार दें लेकिन मैं अपनी मातृभाषा बोलना बंद नहीं करूंगी।
क्या देश में बंगाली बोलना अपराध
ममता ने यह भी पूछा कि क्या देश में बंगाली बोलना अपराध बन गया है? सीएम ने आरोप लगाया कि भाजपा चुनाव से पहले लोगों को लुभाने के लिए प्रलोभन देती है और चुनाव जीतने के बाद दमनकारी कार्रवाई करती है। ममता ने कहा,वे चुनाव से पहले 10,000 रुपए देते हैं और चुनाव खत्म होने के बाद बुलडोजर चला देते हैं।आप जितना चाहें उतना अत्याचार कर सकते हैं, लेकिन इससे कोई रिजल्ट नहीं निकलेगा।
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