
Haryana News: हरियाणा के जींद जिले की जुलाना नगर पालिका के चेयरमैन डॉ. संजय जांगड़ा को शहरी स्थानीय निकाय विभाग के महानिदेशक ने निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई करीब छह माह पहले सामने आए कथित रिश्वत प्रकरण के आधार पर की गई है।
बताया गया है कि एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा गिरफ्तारी के बाद डॉ. जांगड़ा 38 दिन तक जेल में रहे थे।
2.27 लाख रुपये की रिश्वत लेने का आरोप
जानकारी के अनुसार, 16 अगस्त 2025 को Anti Corruption Bureau Haryana की टीम ने डॉ. संजय जांगड़ा को 2 लाख 27 हजार 500 रुपये की कथित रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आरोप था कि उन्होंने एक ठेकेदार का 91 लाख 20 हजार 454 रुपये का बिल पास कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया था।
38 दिन जेल में रहे, सितंबर में मिली जमानत
गिरफ्तारी के बाद डॉ. जांगड़ा करीब 38 दिन जेल में रहे। सितंबर माह में उन्हें जमानत मिल गई और वे दोबारा चेयरमैन का पदभार संभालने लगे।
यह मामला अभी भी जांचाधीन है और संबंधित केस करनाल पुलिस स्टेशन में दर्ज बताया गया है।
विभाग ने नियमों के तहत किया निलंबन
शहरी स्थानीय निकाय विभाग द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि यदि किसी निकाय के अध्यक्ष या सदस्य के खिलाफ आपराधिक मामले में जांच, पूछताछ या विचारण लंबित हो, तो नियमों के तहत उसे निलंबित किया जा सकता है। इसी प्रावधान के आधार पर डॉ. जांगड़ा के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
डॉ. जांगड़ा का पक्ष
डॉ. संजय जांगड़ा ने कहा कि विभाग की ओर से जारी पत्र में गलत जानकारी दी गई है। उनके अनुसार, पत्र में उन्हें ‘रंगे हाथों पकड़े जाने’ का उल्लेख किया गया है, जबकि उनका दावा है कि न तो उन्हें रंगे हाथों पकड़ा गया था और न ही उनके पास से कोई बरामदगी हुई थी।

