चंडीगढ़। हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने पंचायत व्यवस्था में पारदर्शिता और जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम सभाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नए आदेशों के तहत अब प्रदेश के किसी भी गांव में विकास से जुड़ी किसी भी योजना को मंजूरी दिलाने के लिए ग्राम सभा से प्रस्ताव पारित कराना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही ग्राम सभा की बैठक में गांव की कुल आबादी का कम से कम 40 प्रतिशत हिस्सा मौजूद होना जरूरी कर दिया गया है।
अब तक ग्राम सभा बैठकों में उपस्थिति को लेकर कोई ठोस मानक तय नहीं था, जिसके चलते कई बार सरपंच सीमित लोगों की मौजूदगी में ही प्रस्ताव पारित कराकर उच्च स्तर पर भेज देते थे। सरकार के नए आदेश के बाद यह प्रक्रिया पहले के मुकाबले कहीं अधिक सख्त हो गई है, जिससे सरपंचों की जिम्मेदारी और चुनौती दोनों बढ़ गई हैं।
जानकारी के अनुसार, यदि पहली ग्राम सभा बैठक में कुल आबादी की 40 प्रतिशत उपस्थिति पूरी नहीं हो पाती है, तो दूसरी बैठक आयोजित की जाएगी। दूसरी बैठक में प्रस्ताव पारित कराने के लिए गांव की कम से कम 30 प्रतिशत आबादी की मौजूदगी जरूरी होगी। यदि दूसरी बैठक में भी निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं होती है, तो तीसरी बैठक बुलाई जाएगी, जिसमें न्यूनतम 20 प्रतिशत ग्रामीणों की उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। इससे कम उपस्थिति में पारित किया गया कोई भी प्रस्ताव मान्य नहीं माना जाएगा।
जिला पंचायत विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि ग्राम सभा की बैठक में कम से कम 20 प्रतिशत उपस्थिति हर हाल में सुनिश्चित करनी होगी। चाहे इसके लिए ग्राम सभा की बैठक बार-बार क्यों न बुलानी पड़े, लेकिन बिना निर्धारित उपस्थिति के कोई भी प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विकास योजनाओं में गांव के अधिक से अधिक लोगों की सहमति और भागीदारी हो।
सरकार ने उपस्थिति की सत्यता जांचने के लिए भी सख्त व्यवस्था की है। ग्राम सभा में शामिल लोगों की संख्या का सत्यापन फैमिली आईडी यानी PPP डाटा के माध्यम से किया जाएगा। बैठक से संबंधित उपस्थिति डाटा की प्रति लेकर मिलान किया जाएगा, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना न रहे।
सरकार के इस फैसले को पंचायत स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे जहां एक ओर गांवों में विकास कार्यों को लेकर पारदर्शिता बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर सरपंचों पर ग्रामीणों को साथ लेकर चलने का दबाव भी बढ़ेगा।


