कहा, अमेरिका द्वारा जारी किए गए नए टैरिफ एक बार फिर बन सकते हैं विश्व व्यापार के लिए चुनौती
US New Tariff Policy (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : गत शुक्रवार से अमेरिका में शुरू हुए घटनाक्रम ने पूरी दुनिया को एक बार फिर से प्रभावित करना शुरू कर दिया है। दरअसल बीते शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के ‘कंट्री-स्पेसिफिक’ (देश-विशिष्ट) टैरिफ ढांचे को खारिज कर दिया है। इसके जवाब में ट्रंप ने 150 दिनों के लिए सभी तरह के आयात पर 10 प्रतिशत का अस्थायी टैरिफ लगाया है और इसे बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने की घोषणा कर दी है।
मूडीज के मुताबिक, इस 15% एकसमान टैरिफ से चीन और दक्षिण-पूर्व एशिया के उन देशों को फायदा हो सकता है, जो अब तक भारी टैरिफ का सामना कर रहे थे। हालांकि, जापान, दक्षिण कोरिया और ताइवान पर इसका सीमित असर होगा क्योंकि उनके बेस टैरिफ पहले से ही 15% के करीब हैं।
भारत की व्यापारिक वातार्ओं पर अनिश्चितता
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने भारत और इंडोनेशिया के साथ अमेरिका की व्यापारिक वार्ता पर अनिश्चितता के बादल ला दिए हैं। भारत ने वाशिंगटन भेजे जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल का दौरा भी फिलहाल टाल दिया है।
वैश्विक व्यापार में भारी उतार-चढ़ाव संभव
आने वाले समय में वैश्विक व्यापार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मूडीज ने चेतावनी दी है कि टैरिफ की दीवारें ऊंची होने की आशंका से अमेरिकी आयातक जल्दबाजी में अपने शिपमेंट मंगाने का प्रयास कर सकते हैं। इसके अलावा, कंपनियों द्वारा पहले चुकाए गए टैरिफ की वसूली की कोशिशें कानूनी विवादों को जन्म दे सकती हैं। हालांकि अमेरिका नए कानूनी रास्तों से टैरिफ बढ़ाने की कोशिश कर सकता है, लेकिन भारत की 8.1 प्रतिशत की अनुमानित तिमाही ग्रोथ यह आश्वस्त करती है कि मजबूत घरेलू खपत के कारण भारतीय अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों को सहने में पूरी तरह सक्षम है।
भारतीय अर्थव्यवस्था को गति देने में घरेलू मांग अहम
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अमेरिकी व्यापार नीतियों में हो रहे बड़े बदलावों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था अपने मजबूत घरेलू आधार के दम पर मजबूती से खड़ी है। स्टेट बैंक आॅफ इंडिया (एसबीआई) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारत की वास्तविक जीडीपी ग्रोथ 8.1 प्रतिशत के करीब रहने का अनुमान है। वहीं, दूसरी ओर मूडीज एनालिटिक्स की एक रिपोर्ट यह संकेत देती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा प्रस्तावित 15 प्रतिशत के एकमुश्त टैरिफ से ग्लोबल ट्रेड और विशेष रूप से एशिया-प्रशांत क्षेत्र के व्यापारिक समीकरणों में बड़े बदलाव आ सकते हैं।
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