कहा, शासन का दृष्टिकोण आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित हो रहा
Nirmala Sitharaman (द भारत ख़बर), नई दिल्ली : देश की कर व्यवस्था को सरल और लोकप्रिय बनाने की जरूरत पर बल देते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह समय की सबसे बड़ी जरूरत है। वे दिल्ली में राष्ट्रीय आयकर जागरूकता अभियान के दौरान उपस्थिति को संबोधित कर रहीं थी। इस दौरान वित्त मंत्री ने आयकर विभाग को जनता के साथ बातचीत के तरीके में बदलाव का आग्रह किया। उन्होंने जोर दिया कि नए कानून को सहानुभूति, निष्पक्षता और दक्षता के साथ लागू किया जाना चाहिए।
मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि करदाता आपका विरोधी नहीं है। करदाता राष्ट्र निर्माण में आपका भागीदार है। उन्होंने विभाग से नए कानून की भावना को आत्मसात करने का आग्रह किया। प्रौद्योगिकी का उपयोग करके मानवीय हस्तक्षेप को कम करने और विश्वास बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कर प्रक्रिया में जनता को सक्रिय रूप से शामिल कर रही है। यह केवल कानूनों को सरल बनाने से आगे बढ़कर हितधारकों के साथ जुड़ाव पर केंद्रित है। उन्होंने शासन का दृष्टिकोण आधुनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विकसित हो रहा है।
स्कूल-कॉलेजों में चलाया जा रहा अभियान
मंत्री ने बताया कि विभाग अब स्कूलों और कॉलेजों तक पहुंच रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों को यह समझाना है कि कर देश के लिए क्या करता है। यह पहले के कठोर और अंतमुर्खी विभागों की धारणा से एक बदलाव है। आयकर अधिनियम 2025, 1961 के अधिनियम का स्थान लेगा। पुराने अधिनियम को 4,000 से अधिक संशोधनों ने एक ‘भ्रामक’ बना दिया था। इसमें 5.12 लाख शब्द और 819 धाराएं थीं, जो ‘भयभीत करने वाली’ थीं। नया ढांचा 1 अप्रैल, 2026 से प्रभावी होगा। यह शब्द संख्या को 2.6 लाख और धाराओं को 536 तक कम करता है। सीतारमण ने कहा कि यह कम अस्पष्ट है, जिससे अदालतों में व्याख्या के लिए जाने की प्रवृत्ति कम होगी। लक्ष्य करदाता व्यवहार को ‘बचने या भ्रम से स्वैच्छिक अनुपालन’ में बदलना है।
मसौदा प्रक्रिया का विवरण दिया
सीतारमण ने मसौदा प्रक्रिया का विवरण दिया। कर अधिकारियों ने रिकॉर्ड छह महीने में 75,000 व्यक्ति-घंटे समर्पित किए। 31 सांसदों की एक चयन समिति ने भी विधेयक की समीक्षा की। कानून बनाने में व्यापक परामर्श को प्राथमिकता दी गई थी। समिति की 196 सिफारिशों में से 184 को स्वीकार किया गया। यह बहुत अधिक सहयोग और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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