
हर किरदार में अपनी पहचान छोड़ते हैं पंकज त्रिपाठी
Pankaj Tripathi Untold Story, (द भारत ख़बर), मुंबई: बॉलीवुड के दिग्गज कलाकार पंकज त्रिपाठी ने अपने करियर में कई कमाल की फिल्में और सीरीज की है। हालांकि, उन्होंने अपने करियर में कई चुनौतियों को पार किया है और आज वो हर किरदार में अपनी पहचान छोड़ते हैं। उनकी अदाकारी की गहराई और कमाल के स्टाइल ने उन्हें केवल भारत में ही नहीं, बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर भी पहचान दिलाई है। लेकिन, क्या आपने कभी सोचा है कि पंकज ने अपना सरनेम तिवारी से त्रिपाठी क्यों बदल लिया? उनके इस फैसले के पीछे एक दिलचस्प और कमाल की वजह छुपी हुई है।
असल नाम पंकज तिवारी था
असल में पंकज त्रिपाठी का जन्म एक सामान्य परिवार में हुआ था और शुरूआत में उनका असल नाम पंकज तिवारी था। लेकिन, बड़े होने के बाद उन्होंने अपना सरनेम ही चेंज कर लिया, इतना ही नहीं उन्होंने अपने पिता का भी सरनेम चेंज कर दिया था। एक्टर ने एक खास मीडिया इवेंट में अपना और अपने पिता का सरनेम बदलने की वजह का खुलासा किया था। उन्होंने बताया कि उनके गांव तिवारी लोगों का गांव है, जिसमें केवल दो ही लोग अपने नाम के आगे त्रिपाठी लगाते थे, जिसमें एक उनके बाबा थे और एक चाचा।
क्यों बदला था सरनेम?
पंकज त्रिपाठी ने बताया कि उनमें से एक जो बाबा थे वो हिंदी के प्रोफेसर थे और चाचा बिहार सरकार में अधिकारी थे। एक्टर ने कहा, ये बाल मन में बात आई कि जो लोग भी तिवारी लिखते हैं वो पंडितई करते हैं या खेती-बारी करते हैं और जो दो लोगों ने त्रिपाठी लिखा है वो दोनों अधिकारी बन गए। इसके बाद दसवीं का एडमिट कार्ड भरते हुए उन्होंने अपने नाम के आगे से तिवारी हटाकर त्रिपाठी लगा दिया।
पिता का क्या था रिएक्शन?
अपना सरनेम बदलने के बाद पंकज त्रिपाठी को लगा कि अगर मेरे नाम के नीचे दिए हुए पिता के नाम में तिवारी रहा, तो कहीं फॉर्म रिजेक्ट न हो जाए। इसके लिए उन्होंने अपने पिता का भी सरनेम बदल दिया। मजाकिया अंदाज में एक्टर ने बोला कि मैं पहला पुत्र हूं जिसने पिता का नाम बदला है। आगे पूछने पर एक्टर ने ये भी खुलासा किया कि उस वक्त उनके पिता को इस बात का पता नहीं लगा, लेकिन जब बाद में ये बात उन्हें पता चली तो उन्हें ज्यादा फर्क नहीं पड़ा।
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