Parliament Budget Session, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण का आज पांचवां दिन है और तृणमूल कांग्रेस (TMC) और दूसरे विपक्षी विपक्षी सांसदों ने आज संसद परिसर में केंद्र के खिलाफ एलपीजी को लेकर हंगामा किया। उन्होंने कहा कि गुरुवार को देश भर में एलपीजी सिलेंडर की कमी को लेकर लोगों में अफरातफरी रही।
प्रदर्शनकारियों ने लगाए एलपीजी, एलपीजी के नारे
प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ एलपीजी, एलपीजी के नारे लगाए। विपक्ष के कुछ सदस्यों ने मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीय नागरिकों के बारे में चिंता जताई और नारा लगाया, ‘कतर में खड़े हिंदुस्तान, मोदी घूमे चीन जापान।’ कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा, केंद्रीय पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री, हरदीप सिंह पुरी यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि यहां कुछ भी गलत नहीं है। एलपीजी की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा, हमें मानना होगा कि एलपीजी का संकट है और इससे निपटने के हमें तरीके खोजने होंगे।
चर्चा से डरी हुई है मोदी सरकार : जयराम रमेश
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को संसद में यही बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें पूरा बात कहने के लिए मौका नहीं दिया गया। कांग्रेस एमपी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर कहा, विपक्ष वेस्ट एशिया के हालात और भारत पर इसके असर पर पार्लियामेंट के दोनों सदनों में चर्चा की मांग कर रहा है। लेकिन मोदी सरकार ऐसी बहस की इजाजत देने से साफ मना कर रही है। वह साफ तौर पर डरी हुई है। उसकी फॉरेन पॉलिसी पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है।
घरेलू LPG प्रोडक्शन में 25 परसेंट की बढ़ोतरी : केंद्र
विपक्ष पार्लियामेंट में वेस्ट एशिया पर चर्चा के लिए जोर दे रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस नेताओं ने भी एलपीजी के मुद्दे पर पार्लियामेंट कैंपस में अपना विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि, पार्लियामेंट में केंद्र ने कहा कि घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में लगभग 25 परसेंट की बढ़ोतरी हुई है और पूरा घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन घरेलू कंज्यूमर्स की तरफ किया जा रहा है।
सुरक्षित बनी हुई है भारत की क्रूड सप्लाई : हरदीप पुरी
सरकार ने कहा कि नॉन-डोमेस्टिक एलपीजी के लिए, हॉस्पिटल और एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन जैसे जरूरी सेक्टर को प्रायोरिटी दी जा रही है। इसके अलावा, हरदीप पुरी ने लोकसभा को बताया कि भारत की क्रूड सप्लाई सुरक्षित बनी हुई है, इस बात के बावजूद कि पहले 45 प्रतिशत इम्पोर्ट उसी रास्ते से होता था जिस पर असर पड़ा था। उन्होंने कहा, ‘नॉन-होर्मुज सोर्सिंग क्रूड इम्पोर्ट का लगभग 70 परसेंट हो गई है, जो लड़ाई शुरू होने से पहले 55 परसेंट थी’।
स्ट्रक्चरल डाइवर्सिफिकेशन को दिया स्टेबिलिटी का क्रेडिट
पेट्रोलियम और नेचुरल गैस मंत्री ने इस स्टेबिलिटी का क्रेडिट स्ट्रक्चरल डाइवर्सिफिकेशन को दिया, यह देखते हुए कि भारत अब 40 देशों से क्रूड सोर्स करता है, जबकि 2006-07 में यह 27 देशों से था। उन्होंने सदन को भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, एटीएफ या फ्यूल आॅयल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोल, डीजल, एविएशन टर्बाइन फ्यूल, केरोसीन और फ्यूल आॅयल की उपलब्धता पूरी तरह से पक्की है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरियां हाई कैपेसिटी यूटिलाइजेशन पर काम कर रही हैं। कभी-कभी 100 परसेंट से भी ज्यादा। हरदीप पुरी ने 33 करोड़ परिवारों के लिए एलपीजी सप्लाई को बचाने के उपायों के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा कि पिछले 5 दिन में घरेलू एलपीजी प्रोडक्शन में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
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