- कतर के जरिये मध्यस्थता के प्रयास पर विचार कर सकता है तेहरान
West Asia Conflict, (द भारत ख़बर), तेहरान/इस्लामाबाद: पाकिस्तान की अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बीते 37 दिन से जारी जंग को लेकर मध्यस्थता के मामले में अब फजीहत हुई है। दरअसल, पाकिस्तान ने दावा किया था कि वह ईरान और अमेरिका से संवाद स्थापित करने में सक्षम है। पड़ोसी मुल्क ने ईरान के समक्ष इस्लामाबाद में ईरान और अमेरिकी नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के बीच बैठक की पेशकश की थी, लेकिन सूत्रों के अनुसार ईरान ने पश्चिम एशिया संघर्ष में मध्यस्थ की पाकिस्तान की इस पेशकश को ठुकरा दिया है।
पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका
बता दें कि पाकिस्तान ने ही कुछ दिन पहले अमेरिका का 15 सूत्रीय शांति प्रस्ताव तेहरान तक पहुंचाया था और इस्लामाबाद में दोनों पक्षों (ईरान और अमेरिका) की संभावित प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष बैठक की पेशकश की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार तेहरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के नेतृत्व वाले किसी भी प्रतिनिधिमंडल से पाकिस्तान में मुलाकात नहीं करेगा। यह पाकिस्तान की कूटनीतिक कोशिशों को बड़ा झटका है।
ईरान ने अमेरिका की मांगों को अस्वीकार्य बताया
ईरान ने अमेरिका की मांगों को भी अस्वीकार्य बताया है और साथ ही संकट के शीघ्र हल की संभावनाओं से भी इनकार कर दिया है। ईरानी पक्ष जंग के मामले में किसी भी तरह की वार्ता में इस्लामाबाद को कोई भूमिका देने से हिचकिचा रहा है। हालांकि, इस बीच युद्धविराम को लेकर एक और उम्मीद जगी है। रिपोर्टों के अनुसार ईरान क्षेत्र के एक अन्य अहम खिलाड़ी कतर के माध्यम से मध्यस्थता के प्रयास पर विचार कर सकता है।
पाकिस्तान ने इन मीडिया रिपोर्टों को खारिज किया
पाकिस्तान ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया है कि जिनमें कहा गया था कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत करवाने की उसकी पहल शुरुआती दौर में ही अटक गई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने ऐसी रिपोर्टों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा कि किसी भी आधिकारिक सूत्र के आधार पर इस तरह की ऐसी बातें कहना गलत है। अंद्राबी ने साफ किया कि सरकार की ओर से ऐसी कोई जानकारी साझा नहीं की गई है।
तुर्किए, सऊदी अरब व मिस्र जैसे देशों से मिलकर किए थे प्रयास
पाकिस्तान ने तुर्किए, सऊदी अरब तथा मिस्र जैसे देशों के साथ मिलकर बैक-चैनल डिप्लोमेसी व क्षेत्रीय समन्वय के प्रयास किए थे। उप-प्रधानमंत्री इशाक दार ने इस्लामाबाद में 4 देशों के विदेश मंत्रियों की मीटिंग भी की थी। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता एस्माइल बागई ने स्पष्ट किया कि ईरान इन मुलाकातों में भाग नहीं लेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि तेहरान पाकिस्तान द्वारा स्थापित किसी भी फ्रेमवर्क का हिस्सा नहीं बनेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रस्ताव पूरी तरह अनुचित हैं।
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