
Parliament, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी बुधवार को सदन से रिटायर हो रहे राज्यसभा सांसदों को विदाई दी। चल रहे बजट सत्र के दौरान संसद के ऊपरी सदन को संबोधित करते हुए, राज्यसभा में विपक्ष के नेता खरगे ने जोर देकर कहा कि राजनीति और सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोग देश की सेवा के जुनून के कारण न तो थकते हैं और न ही रिटायर होते हैं।
देवेगौड़ा ने मोहब्बत हमारे साथ की, शादी मोदी साहब के साथ’
कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के साथ अपने 54 साल से अधिक पुराने जुड़ाव को याद किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, मैं देवेगौड़ा को 54 साल से ज्यादा समय से जानता हंू और मैंने उनके साथ बहुत काम किया है। खरगे ने कहा, बाद में मुझे नहीं पता कि क्या हुआ। ‘उन्होंने मोहब्बत हमारे साथ की, शादी मोदी साहब के साथ’।
प्रधानमंत्री ने भी सदस्यों को योगदान के लिए किया धन्यवाद
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इससे पहले रिटायर हो रहे राज्यसभा सांसदों को उनके योगदान के लिए धन्यवाद दिया, और उनके भविष्य के राजनीतिक प्रयासों के लिए उन्हें शुभकामनाएं दीं। पीएम ने साथ ही इस बात पर जोर दिया कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। सदन में विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं होती हैं, और हर सदस्य उनमें एक अनोखी भूमिका निभाता है। ऐसे पलों में, पार्टी की सीमाओं से ऊपर उठकर सम्मान की एक साझा भावना पैदा होती है।
राजनीति में नहीं होता कोई पूर्ण विराम
प्रधानमंत्री ने कहा, जो नेता अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद सदन छोड़ रहे हैं, उनसे मैं कहना चाहता हंू कि राजनीति में कोई पूर्ण विराम नहीं होता। उन्होंने कहा, भविष्य आपका इंतजार कर रहा है। आपका अनुभव और योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। पीएम ने आगे नए चुने गए सांसदों से आग्रह किया कि वे एचडी देवेगौड़ा, मल्लिकार्जुन खरगे और शरद पवार जैसे अनुभवी नेताओं से सीख लें, जिन्होंने, जैसा कि उन्होंने कहा, अपना आधा से ज्यादा जीवन संसदीय कार्यों में बिताया है।
इन्होंने आधा से ज्यादा जीवन संसदीय कार्यों में बिताया
पीएम मोदी ने कहा, देवेगौड़ा जी, खड़गे जी और शरद पवार जी, ऐसे वरिष्ठ नेता हैं जिन्होंने अपना आधा से ज्यादा जीवन संसदीय कार्यों में बिताया है। उन्होंने कहा, नए चुने गए सांसदों को उनसे सीखना चाहिएा। रामदास अठावले का कार्यकाल भी खत्म होने वाला है और पीएम ने उन पर भी बात की। मोदी ने कहा, कभी-कभी हम सुनते थे कि सदन में हास्य और व्यंग्य के लिए बहुत गुंजाइश है। आजकल, शायद यह धीरे-धीरे कम हो रहा है। लेकिन हमारे अठावले हमेशा ताजा रहते हैं। अठावले जा रहे हैं, लेकिन यहां किसी को उनकी कमी महसूस नहीं होगी। मुझे पूरा भरोसा है कि वह आगे भी भरपूर हास्य और व्यंग्य परोसते रहेंगे।
रिटायर हो रहे 37 सदस्यों में ये भी शामिल
रामदास अठावले, प्रियंका चतुवेर्दी, तिरुचि शिवा, अमरेंद्र धारी सिंह और अभिषेक मनु सिंघवी उन 37 सांसदों में शामिल हैं जो रिटायर हो रहे हैं। यह 10 राज्यों की 37 सीटों को भरने के लिए हुए राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनावों के बाद हुआ है। 37 सीटों में से 26 उम्मीदवार बिना किसी विरोध के चुने गए। बिहार में, कांग्रेस और आरजेडी विधायकों के वोट न डालने से एनडीए को बिहार से राज्यसभा की सभी पांच सीटें जीतने में मदद मिली।
भाजपा ने बिहार में इन्हें बनाया था उम्मीदवार
एनडीए ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, जेडी (यू) सांसद राम नाथ ठाकुर और भाजपा के शिवेश राम को उम्मीदवार बनाया था। बीजेपी के उम्मीदवार मनमोहन सामल और सुजीत कुमार, बीजेडी के संतृप्त मिश्रा और निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप राय ओडिशा से राज्यसभा जाएंगे। भाजपा के संजय भाटिया और कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध हरियाणा से राज्यसभा जाएंगे।
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