हरियाणा के हिसार जिले के उकलाना क्षेत्र में बुजुर्गों की बुढ़ापा पेंशन काटे जाने का गंभीर मामला सामने आया है। सोमवार को मदनपुरा निवासी 80 वर्षीय उदाराम और लितानी गांव के 72 वर्षीय ओमप्रकाश समेत कई बुजुर्गों ने विधायक नरेश सेलवाल से मुलाकात कर अपनी पीड़ा साझा की। बुजुर्गों ने बताया कि बिना किसी पूर्व सूचना और स्पष्ट कारण के उनकी बुढ़ापा पेंशन बंद कर दी गई है, जिससे उनके सामने दैनिक जीवन की जरूरतें पूरी करना भी कठिन हो गया है।
बुजुर्गों ने विधायक को अवगत कराया कि यह समस्या केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश भर में इस तरह करीब 36 हजार से अधिक बुजुर्गों की पेंशन काटी गई है। उनका कहना है कि बुढ़ापा पेंशन ही उनकी आय का एकमात्र सहारा है, जिसके सहारे वे दवाइयों, राशन और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करते हैं। पेंशन बंद होने से उन्हें मानसिक तनाव के साथ-साथ आर्थिक संकट का भी सामना करना पड़ रहा है।
विधायक नरेश सेलवाल ने बुजुर्गों की शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि बुढ़ापा पेंशन बुजुर्गों का अधिकार है और इसे किसी भी हाल में छीना नहीं जाना चाहिए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले को संबंधित विभाग और सरकार के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा, ताकि पात्र बुजुर्गों की पेंशन जल्द से जल्द बहाल हो सके।
विधायक ने कहा कि कई मामलों में पेंशन तकनीकी खामियों या दस्तावेजों की त्रुटियों के कारण रोकी गई है। ऐसे सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने की बात भी कही कि किसी भी पात्र बुजुर्ग के साथ अन्याय न हो और पेंशन बहाली की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न की जाए।
बुजुर्गों ने विधायक से उम्मीद जताई कि उनकी आवाज सरकार तक पहुंचेगी और उन्हें जल्द राहत मिलेगी। वहीं इस मुद्दे के सामने आने के बाद क्षेत्र में भी पेंशन बहाली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।


